विकास दुबे हत्याकांड: सियासत सरगर्म,  राहुल गांधी..प्रियंका गांधी.. अखिलेश यादव..दिग्विजय सिंह और मायावती ने उठाए सवाल.. उमा भारती ने भी कहा सवाल है पूछेंगे

रायपुर,10 जुलाई 2020। कानपुर के दूर्दांत और आठ पुलिसकर्मियों के हत्याकांड के आरोपी विकास दुबे के बॉलीवुड अंदाज से उज्जैन में पकड़ाने और फिर मुठभेड़ में मारे जाने के दावे को लेकर सियासत सरगर्म हो गई है। कांग्रेस सपा और बसपा ने इस पर गंभीर सवाल तो उठाए ही हैं, वहीं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती ने ट्वीट कर सवालों को पूछे जाने की बात लिखी है।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश की इकाई की महासचिव  प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह,और बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुठभेड़ के दावे पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट में लिखा –
“अपराधी का अंत हो गया..अपराध और उसको संरक्षण देने वालों का क्या”

सपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीधे ही सवाल उठाया है, और विकास दुबे के अपराधिक पृष्ठभूमि और संरक्षण में मौजुदा सत्ता की ओर सीधा इशारा करते हुए लिखा है –
“दरअसल ये कार पलटी नहीं है.. राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है”

राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भी मुठभेड़ पर उठाया है, और पूछा है कि कई सवाल के जवाब नहीं मिलेंगे लेकिन यह तो पता लगना चाहिए तीनों एनकाउंटर का पैटर्न का एक समान क्यों है.. दिग्विजय सिंह ने लिखा है –
“जिसका शक था वह हो गया। विकास दुबे का किन किन राजनैतिक लोगों से, पुलिस व अन्य शासकीय अधिकारियों से उसका संपर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगा। पिछले 3-4 दिनों में विकास दुबे के 2 अन्य साथियों का भी एनकाउंटर हुआ है लेकिन तीनों एनकाउंटर का पैटर्न एक समान क्यों है?”

वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने पूरे मामले की जाँच सुप्रीम कोर्ट से करने की माँग रखी है। मायावती की यह माँग केवल कथित मुठभेड़ की जाँच तक सीमित नहीं है, वे उन आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की भी अपने अधिकृत ट्वीटर हैंडल पर उन्होंने लिखा –
“कानपुर पुलिस हत्याकाण्ड की तथा साथ ही इसके मुख्य आरोपी दुर्दान्त विकास दुबे को मध्यप्रदेश से कानपुर लाते समय आज पुलिस की गाड़ी के पलटने व उसके भागने पर यूपी पुलिस द्वारा उसे मार गिराए जाने आदि के समस्त मामलों की माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।यह उच्च-स्तरीय जाँच इसलिए भी जरूरी है ताकि कानपुर नरसंहार में शहीद हुए 8 पुलिसकर्मियों के परिवार को सही इन्साफ मिल सके। साथ ही, पुलिस व आपराधिक राजनीतिक तत्वों के गठजोड़ की भी सही शिनाख्त करके उन्हें भी सख्त सजा दिलाई जा सके। ऐसे कदमों से ही यूपी अपराध-मुक्त हो सकता है।”

बेहद दिलचस्प ट्वीट भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमाश्री भारती का है। उन्होंने कुछ प्रश्नों का ज़िक्र करते हुए कहा है वे इन सवालों का जवाब माँगेगी। उमा  भारती का ट्वीट कहता है –
“तीन बातें रहस्य की परत में हैं-(1) वह उज्जैन तक कैसे पहुंचा? (2) वह महाकाल परिसर में कितनी देर रहा? (3) उसका चेहरा टीवी पर इतना दिखा कि उसे कोई भी पहचान लेता तो उसको पहचाने जाने में इतना समय कैसे लगा?मैं @ChouhanShivraj जी से एवं गृह मंत्री @drnarottammisra जी से इस विषय पर बात अवश्य करूंगी किंतु यह सच्चाई तो सामने आ गई कि भगवान महाकाल ने देवेंद्र मिश्र जैसे ईमानदार पुलिस अधिकारी के हत्यारे का संहार कर दिया।”

बेहद करारा तंज कांग्रेस सासंद राहुल गांधी का है, उन्होंने केवल दो पंक्तियों में बात कही है पर सारे सवाल खड़े कर दिए है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया है –
“कई जवाबों से अच्छी है ख़ामोशी उसकी
न जाने कितने सवालों की आबरू रख ली”

 

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