रिश्वत की रकम लौटाते ASI का वीडियो हुआ वायरल….SP ने तत्काल प्रभाव से किया सस्पेंड…. केस कमजोर बनाने के एवज में ली थी घूस, विवाद बढ़ने पर पैसा कर रहा था वापस

कसडोल 12 अक्टूबर 2020।रिश्वत की रकम वापस करते वीडियो में कैद हुए ASI की छुट्टी हो गयी है। पुलिस कप्तान एलेसेला ने तत्काल प्रभाव से घूसखोर ASI को सस्पेंड करने का निर्देश दिया था। कसडोल थाने के इस ASI ने केस कमजोर करने के एवज में रिश्वत ली थी, लेकिन केस कमजोर करने के बजाय और भी दूसरी धारा धौराभाठा गांव के सीताराम मानिकपुरी के खिलाफ लगा दी। इधर केस में बुरी तरह घिरे मानिकपुरी ने जब ASI एमआर बंजारे  से पैसा वापस मांगना शुरू किया तो एएसआई ने उसे बरगलाना शुरू कर दिया। जिसके बाद पीड़ित ने इस मामले की शिकायत करने की बात एएसआई से की, मामला को तूल पकड़ता देख एएसआई ने पैसा वापस लौटा दिया। वहीं पैसा लौटाते एएसआई का वीडियो वायरल हो गया था। इस मामले में एसपी आईके ऐलेसेला ने कहा है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद एएसआई श्री बंजारे को निलंबित कर दिया गया है, आज पीड़ितों के द्वारा शिकायत पत्र दिया गया है, इंक्वायरी चल रही है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी

क्या  है ये पूरा मामला

कोसमसरा निवासी सीताराम मानिकपुरी के मुताबिक ग्राम पंचायत कोसमसरा के पंचगण एंव ग्रामवासी रोजगार सहायिका सरिता भास्कर के भ्रष्टाचार की शिकायत जनपद पंचायत कसडोल सीईओ के पास किये थे, लेकिन जनपद द्वारा सरिता भास्कर के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही करने पर 6 अक्टूबर को कलेक्टर के यहां कार्यवाही करने के लिए शिकायत करने गये थे, लेकिन उस दिन शाम को लौटने के बाद वो 5.30 बजे घर से अपने खेत जा रहा था इसी दौरान रोजगार सहायिका के पति जगमोहन भास्कर द्वारा मेरा रास्ता रोककर गंदा गंदा गाली गलौज करते हुए हमारे खिलाफ शिकायत करने गये हो कहकर जान से मारने की धमकी देकर गले मे रखा गमछा से खींचकर गला दबा कर जान से मारने का प्रयास करने लगें। तथा मौके में ही पत्थर से एंव हाथ मुक्का से हाथ पैर, पीठ, पेट और सिर में मारपीट किया गया। यही नहीं इस मामले में इसके बाद उल्टा उसी के खिलाफ कर दिया गया, जिसे लेकर अपराध दर्ज कराया गया।   चोट लगने के कारण उनकी रिपोर्ट  बाद लिखी गई। इसके बाद विवेचना अधिकारी बंजारे के द्वारा लगातार पैसों की मांग की जा रही थी।

कार्यकाल की हो जांच

मिली जानकारी के अनुसार बंजारे कसडोल थाने में जबसे पदस्थ रहें है तबसे उनकी कार्यशैली में सवाल उठते रहें है। पहले भी ऐसे आरोप बंजारे पर लगते रहे हैं। लगभग मामलों में पैसों की मांग की जाती रही है, साथ ही इनके द्वारा विवेचना किये गये मामलों में पैसों के बिना किसी तरह की कार्रवाई नही जाती थी।

लिखित शिकायत दी

पीड़ित ने जबरन गांधी के फेर में विवेचना अधिकारी द्वारा एससी/एसटी के तहत झूठा मामला दर्ज करने पर श्री बंजारे के खिलाफ कार्रवाई की मांग सोमवार को जिले के एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग किया है। शिकायत में पीड़ित ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए दर्ज मामलों को खारिज करने की मांग की है। जिसपर एसपी द्वारा इंक्वायरी करने की बात कही गई है। फिलहाल अब मामला सुर्खियों में आने के बाद पीड़ित को न्याय मिलने की आस जगी है।

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