VIDEO : मंत्री के बेटे की इस लेडी कांस्टेबल ने बीच सड़क पर उतार दी हेकड़ी…. वीडियो सोशल मीडिया में हुआ वायरल…. उधर नाराज कांस्टेबल ने दिया इस्तीफा….देखिये कोरोना में तफरी करने निकले साहबजादे की कैसे बज गयी बैंड

सूरत 13 जुलाई 2020। कोरोना में तफरी के लिए निकले मंत्री के बेटे की महिला कांस्टेबल ने सारी हेकड़ी बीच सड़क पर निकाल दी। सरेराह हुई बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल है।दरअसल गुजरात के स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानाणी के बेटे प्रकाश कानाणी अपने समर्थकों को कर्फ्यू उल्लंघन मामले में छुड़ाने पहुंचे थे, लेकिन महिला पुलिस सिपाही सुनीता यादव ने प्रकाश कनाणी को ही कानून का पाठ पढ़ा दिया। महिला सिपाही और राज्यमंत्री के बीच काफी देर कहासुनी हुई। इधर वीडियो वायरल होने के बाद सुनीता यादव को छुट्टी पर भेज दिया गया है। 

दरअसल शुक्रवार रात 10.30 बजे के करीब मंत्री के कई समर्थक बिना मास्क लगाए सड़क पर घूम रहे थे। चूंकि इलाके में कर्फ्यू लगा है तो महिला कॉन्स्टेबल ने उन्हें रोक लिया। उनसे पूछा कि वो कर्फ्यू के दौरान कहां घूम रहे हैं, मास्क क्यों नहीं लगाया है? इस बात से समर्थक बिदक गए, उन्होंने मंत्री के बेटे को फोन मिला दिया, जिसके बाद मंत्री का लड़का अपने पिता की गाड़ी लेकर समर्थकों के पास पहुंच गया। गाड़ी में पिता का नाम और विधायक पद लिखा था, लेकिन यह महिला पुलिस कर्मी बिना डरे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए मौके पर डटी रही।

इस घटना से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसमें महिला, मंत्री के बेटे से सवाल कर रही है. सुनीता यादव, मंत्री के लड़के से पूछती है कि वो विधायक की गाड़ी लेकर क्यों घूम रहे हैं जबकि गाड़ी में तो विधायक है ही नहीं? हालांकि मंत्री का आरोप है कि महिला कॉन्स्टेबल ने उनके बेटे के साथ बदतमीजी की थी. जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है.सूरत पुलिस के पीआरओ पीएल चौधरी ने कहा कि एक वीडियो संज्ञान में आया है, इस मामले में हमें शिकायत मिली है. हमने जांच बैठा दी है. जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.बताया जा रहा है कि महिला पुलिस ने पुलिसिया सिस्टम से तंग आकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है. वहीं दूसरी तरफ सूरत के पुलिस कमिश्नर राजेंद्र ब्रह्मभट्ट ने इस मामले की जांच एसीपी सीके पटेल को सौंप दी है.

ऑडियो में कह रहीं-अफसरों पर नेताओं का हाथ, वरना तुम सबका हिसाब कर देती
दबंगई- तुम्हारे जैसे कितने नेता रोज आते हैं और रोज चले जाते हैं। सत्ता की ताकत मत बता।
अफसर- हमारे साहब के ऊपर नेताओं का हाथ है इसलिए मुझे चुप होना पड़ रहा है। नहीं तुम सबका मैं हिसाब कर देती।
धमकी- वर्दी को धमकाने का तुम्हें हक नहीं है। ऑनड्यूटी पुलिसकर्मी पर दबाव मत बनाओ।
ड्यूटी- गुजरात पुलिस ने मुझे पावर दिया है कि तुम्हारे जैसे लोगों को मैं सीधा कर सकूं।
पहुंच- डीजीपी नहीं, प्रधानमंत्री तक पहुंचने की औकात है मेरी भी। थोड़ीसी पावर और होती तो तुम्हारी हड्डी तोड़ देती।

अफसरों ने कहा- आपकी ड्यूटी तो हीरा बाजार में थी
बताया जा रहा है कि कॉन्स्टेबल ने वराछा पीआई और एसीपी को फोन पर घटना सूचना दी। सूत्रों के अनुसार, अफसरों ने कहा कि आपकी ड्यूटी हीरा बाजार बंद करवाने की है, ना कि कर्फ्यू संभालने की। तब सुनीता ने कहा कि रात को 10 बजे के बाद कर्फ्यू है तो किसी को कैसे आने-जाने दें। यह भी तो पुलिस की ड्यूटी है।

मेरा फोन टैप हो रहा, जल्द सबकी पोल खोलूंगी: सुनीता
सुनीता यादव ने कहा कि मीडियाकमिर्यों से कहा कि वह तब तक कुछ उजागर नहीं करेंगी, जब तक सरकारी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। अभी मेरा फोन टैप किया जा रहा है, इसलिए जानकारी देने में असमर्थ हूं। जल्द ही मीडिया के सामने वीडियो सामने रखूंगी और सबकी पोल खोल कर रख दूंगी।

 

 

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