VIDEO: अद्धभुत है रायपुर का ये कंकाली मंदिर, तालाब के पानी में डूबे है भगवान शिव, श्मशान में बनी है माँ काली का मंदिर…जानिए पंडित आशीष शर्मा और सुभम शर्मा से इस मंदिर के इतिहास के बारे में….

रायपुर 17 अक्टूबर 2020. किसी समय श्मशान और वीरान जंगल में बना कंकाली तालाब वर्तमान दौर में राजधानी की घनी बस्ती के बीच स्थित है। बताया जाता है कि नागा साधुओं ने मां कंकाली के स्वप्न में दिए आदेश पर 750 साल पहले कंकाली मंदिर का निर्माण करवाया था। मंदिर के ठीक सामने भव्य सरोवर बनाकर बीच में छोटा सा मंदिर बनवाकर शिवलिंग की स्थापना की गई है। इस मंदिर में शुरुआती दौर में नागा साधु और शिवभक्त पूजन-दर्शन करने आते थे। शहर की पुरानी बस्ती क्षेत्र में स्थित मां कंकाली मंदिर का इतिहास सबसे अलग और पुराना है। कंकाली मंदिर का शस्त्रागार साल में केवल एक ही दिन यानि दशहरा की सुबह खुलता है। फिर शाम ढलते ही शस्त्रागार पूरे एक साल के लिए बंद हो जाता है। इस दौरान दर्शनार्थियों की भारी भीड़ लगती है। लोग माता के सामने मत्था टेकते हैं और पुराने अस्त्र-शस्त्र के दर्शन करते हैं। वहीँ कंकाली तालाब की बात की जाए तो भीषण गर्मी के समय जब राजधानी के नदी व तालाब सूखने लगते हैं तब भी छत्तीसगढ़ का ये चमत्कारी कंकाली तालाब हमेशा की तरह लबालब भरा रहता है। इसी कारण आज तक कोई भी इस तालाब में डूबे मंदिर के दर्शन नहीं कर पाया है। साथ ही ऐसी मान्यता है कि किसी के शरीर में खुजली हो या चर्म रोग के कारण कोई परेशान हो तो तालाब में डुबकी लगाने से चर्म रोग में राहत मिलती है। देखें इस प्राचीन मंदिर और तालाब के बारे में क्या कह रहे हैं NPG से पंडित आशीष शर्मा और सुभम शर्मा….

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