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Soldier Rinkhil Balyan: एक साल के बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि: डोडा में बलिदान हुए रिंखिल, गांव ही नहीं DM तक रो पड़े

Hapur soldier funeral: जम्मू-कश्मीर के Doda में सड़क हादसे में बलिदान हुए हापुड़ के जवान रिंखिल बालियान की अंतिम विदाई ने हर आंख नम कर दी।

Soldier Rinkhil Balyan: एक साल के बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि: डोडा में बलिदान हुए रिंखिल, गांव ही नहीं DM तक रो पड़े
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By Ragib Asim

Hapur soldier funeral: जम्मू-कश्मीर के Doda में सड़क हादसे में बलिदान हुए हापुड़ के जवान रिंखिल बालियान की अंतिम विदाई ने हर आंख नम कर दी। जब एक साल के मासूम बेटे राघव को गोद में लेकर छोटे भाई ऋषभ ने चिता को मुखाग्नि दी तो वहां मौजूद कोई भी व्यक्ति अपने आंसू नहीं रोक सका।

शनिवार सुबह जैसे ही रिंखिल बालियान का पार्थिव शरीर उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित उनके गांव भटैल पहुंचा पूरा गांव शोक में डूब गया। खराब मौसम के कारण एक दिन की देरी से शव पहुंचा था लेकिन जैसे ही सेना के ट्रक से पार्थिव शरीर उतारा गया चीख-पुकार गूंज उठी। पत्नी रिंकी और मां मंजू शव देखकर बेहोश हो गईं। छोटे भाई ऋषभ निढाल हो गए। घर का माहौल ऐसा था कि हर देखने वाला खुद को संभाल नहीं पा रहा था।


पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई

गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जब तक सूरज-चांद रहेगा, रिंखिल तेरा नाम रहेगा और भारत माता की जय के नारों से गांव गूंज उठा। इस दौरान जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अभिषेक पांडेय (DM), ज्ञानंजय सिंह, विधायक विजयपाल आढ़ती और पूर्व विधायक गजराज सिंह ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस दृश्य को देखकर DM तक अपने आंसू नहीं रोक सके।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

अंतिम दर्शन के बाद जब शवयात्रा गांव की गलियों से गुजरी तो पैर रखने तक की जगह नहीं थी। छतों पर खड़ी महिलाएं उस बेटे को विदा कर रही थीं जिसने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। पूर्व सैनिकों ने भी मौके पर पहुंचकर अपने साथी को सैल्यूट किया।

सबसे भारी पल- मासूम बेटे के हाथों मुखाग्नि

सलामी के बाद वह क्षण आया जिसने हर दिल को झकझोर दिया। एक साल के बेटे राघव को गोद में लेकर छोटे भाई ऋषभ ने बड़े भाई रिंखिल की चिता को मुखाग्नि दी। यह सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं था यह त्याग, कर्तव्य और टूटते हुए परिवार की पीड़ा का दृश्य था।


देश ने खोया सपूत

रिंखिल बालियान की शहादत ने एक बार फिर याद दिलाया कि देश की सुरक्षा के पीछे कितने परिवारों का मौन बलिदान छिपा होता है। नमन है उस वीर को, और सलाम है उस परिवार को, जिसने अपने आंसुओं के बीच देश को गर्व करने का अवसर दिया।

Ragib Asim

Ragib Asim NPG News के समाचार संपादक (News Editor) हैं और पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान अख़बार से की और ज़मीनी रिपोर्टिंग के बाद डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग व संपादन किया। जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त Ragib Asim जियो-पॉलिटिक्स, करंट अफेयर्स, राजनीति, अपराध, बिज़नेस, टेक और एवरग्रीन कंटेंट पर काम करते हैं। वे पिछले 8 वर्षों से SEO Specialist के रूप में भी सक्रिय हैं।

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