हाईवे पर मातम: एक ही परिवार के 7 लोग कर रहे थे सड़क पार, तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कुचला, सगे भाई-बहन की मौत
Prayagraj Kanpur highway accident: प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर सड़क पार कर रहे एक ही परिवार के सात लोगों में तीन को तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी। हादसे में सगे भाई-बहन की मौत, एक गंभीर घायल।

UP road accident: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर रविवार दोपहर करीब तीन बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने सड़क पार कर रहे एक ही परिवार के सात लोगों में से तीन को टक्कर मार दी। इस हादसे में सगे भाई-बहन की मौत हो गई और एक आदमी गंभीर रूप से घायल हो गया।
यह हादसा कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मुरादीपुर ओवरब्रिज पर एक कॉलेज के सामने हुआ। पुलिस के अनुसार स्कॉर्पियो करीब 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा रही थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पीड़ित हवा में करीब छह फीट तक उछलकर 15 मीटर दूर जा गिरे।
हादसे में राधानगर थाना क्षेत्र के विनोबा नगर निवासी चंद्रकिशोर की पत्नी कल्लो (50) और उनके भाई राजकिशोर (45) की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के सुरेश (55) गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें गोपालगंज पीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।
काम से घर लौट रहा था परिवार
परिजनों ने बताया कि हादसे में शामिल सातों लोग गिहार समाज से हैं और करीब दो महीने पहले उन्नाव में पत्थर टांकने (सिलबट्टा टांकने) का काम करने गए थे। कुछ दिन पहले वे रायबरेली के बछरावां कस्बे में काम पर चले गए थे। रविवार को सभी लोग लोडर से घर लौट रहे थे।
सातों लोगों को हाईवे पर उल्टी दिशा में लोडर ने उतार दिया। इनके साथ बलुआ पत्नी राजकिशोर, सोनवती पत्नी धर्म नारायण, लक्ष्मी पत्नी सुरेश और छोटू भी थे। जब परिवार के लोग चावल और गृहस्थी के सामान सिर पर रखकर हाईवे पार कर रहे थे, तभी कानपुर की ओर जा रही स्कॉर्पियो ने तीन लोगों को टक्कर मार दी।
कानपुर के पास पकड़ा गया चालक
प्रभारी निरीक्षक अखिलेश यादव ने मीडिया को बताया कि स्कॉर्पियो के बारे में कानपुर-प्रयागराज हाईवे के थानों को सूचना दी गई। बाद में कानपुर के महाराजपुर के पास स्कॉर्पियो और चालक को पकड़ लिया गया। स्कॉर्पियो प्रयागराज की है और चालक प्रयागराज से कानपुर जा रहा था।
लोडर चालक की गलती भी आई सामने
हादसे की एक और बड़ी वजह लोडर चालक की लापरवाही भी बताई जा रही है। लोडर चालक सातों लोगों को दूधी कागार मार्ग से लेकर प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर पहुंचा था। चालक को दूधी कागार मोड़ के पास ही सभी को उतार देना चाहिए था।
लेकिन दूधी कागार मोड़ पर जाम लगने और पुलिस की बैरिकेडिंग में चालक ने परिवार को वहां नहीं उतारा। इसके बजाय उन्हें आगे अंडरब्रिज से घुमाकर मुरादीपुर ओवरब्रिज पर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर उल्टी दिशा में छोड़ दिया। यही हादसे की बड़ी वजह बनी।
