Noida Software Engineer News: सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत पर एक्शन: 3 सदस्यीय SIT का गठन, हटाए गए नोएडा अथॉरिटी CEO
Noida Me Software Engineer Ki Maut: नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहतो की पानी से भरे गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। इस मामले में एक बड़ा एक्शन देखने को मिला है।

Noida Me Software Engineer Ki Maut: नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हादसे में मौत हो गई। इस घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। साथ ही नोएडा अथॉरिटी CEO को हटा दिया है और नोएडा ट्रैफिक सेल विभाग के जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई है।
पानी से भरे गड्ढे में गिरा सॉफ्टवेयर इंजीनियर
यह घटना नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में हुई है। जानकारी के मुताबिक, नोएडा सेक्टर 150 टाटा यूरिका पार्क में रहने वाले युवराज मेहतो गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। 16 जनवरी की रात 12 बजे युवराज काम से कार में सवार होकर घर लौट रहे थे, तभी सेक्टर 150 के पास कोहरे के कारण उन्हें मोड़ दिखाई नहीं दिया और वे सीधे कार के साथ मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में जा गिरे।
मदद की गुहार लगाते रहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर
घटना के बाद युवराज ने डूबती कार की छत पर चढ़कर अपने पिता को इस हादसे की जानकारी दी, जिसके बाद उनके पिता ने डायल 112 को इसकी जानकारी दी। सूचना के बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंच गई। रात डेढ़ बजे तक दमकल और SDRF की टीम भी वहां पहुंच गई, लेकिन अंधेरा होने की वजह से युवराज कहीं दिखाई नहीं दिया। घटना स्थल पर मौजूद एक युवक ने बताया कि ठंड की वजह से रेस्क्यू टीम पानी में उतरने से हिचकिचाते रही और लगभग पौने दो बजे के आसपास युवराज कार सहित पानी में डूब गया।
नाराज लोगों ने घटना स्थल पर डाला मलबा
इसके बाद जैसे तैसे रेस्क्यू अभियान चलाया गया और सुबह साढ़े चार बजे के आसपास युवराज के शव को पानी से भरे गड्ढे से बाहर निकाला गया। इसके बाद लोगों ने शनिवार को नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया और फिर घटना स्थल पर कई टन मलबा डाल दिया। बताया जा रहा है कि जिस जगह ये हादसा हुआ उस जगह पर मॉल बनाया जाएगा, जिसके बेसमेंट के लिए 30 फीट का गड्ढा खोदा गया था और उस गड्ढे में पानी भर गया था।
घटना के बाद एक्शन
इघर घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है, ADG जोन मेरठ SIT अध्यक्ष हैं। इस SIT में मंडायुक्त मेरठ और चीफ इंजीनियर PWD को भी शामिल किया गया है। वहीं पांच दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस मामले में नोएडा अथॉरिटी CEO लोकेश M को हटा दिया है और नोएडा ट्रैफिक सेल विभाग के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। इसके अलावा दो बिल्डरों MJ विशटाउन प्लानर लिमिटेड और लोटस ग्रीन कंट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ FIR दर्ज किया गया है।
