मेरठ : कपड़ों के गोदाम में लगी भीषण आग, 5 मासूम बच्चों समेत एक ही परिवार के 6 लोग जिंदा जले
Meerut Kidwai Nagar Fire :मेरठ के लिसाड़ी गेट के किदवई नगर में सोमवार रात एक कपड़ा कारोबारी के घर में बने गोदाम में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई. इस हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला और 5 मासूम बच्चे शामिल हैं. रिहायशी मकान के निचले हिस्से में रखे कपड़ों के भारी स्टॉक के कारण आग इतनी तेजी से फैली कि ऊपर की मंजिल पर मौजूद परिवार को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. धुएं और लपटों के बीच फंसे बच्चों और महिलाओं ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, जबकि परिवार की एक अन्य बुजुर्ग महिला की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है.

मेरठ : कपड़ों के गोदाम में लगी भीषण आग, 5 मासूम बच्चों समेत एक ही परिवार के 6 लोग जिंदा जले
Meerut Fire Tragedy : मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सोमवार की रात एक हँसता-खेलता परिवार आग की भेंट चढ़ गया. लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में एक तीन मंजिला मकान में लगी भीषण आग ने एक महिला और पांच मासूम बच्चों की जान ले ली. इस हादसे ने रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध व्यावसायिक गोदामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
आग कब और कैसे लगी
घटना सोमवार रात करीब 9 बजे की है किदवई नगर की गली नंबर 3 में रहने वाले रेडीमेड कपड़ा कारोबारी इकबाल के घर में अचानक आग लग गई. इकबाल ने अपने तीन मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर को कपड़ों के गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया था. जिस वक्त आग लगी, परिवार के पुरुष सदस्य पास की मस्जिद में नमाज अदा करने गए थे वही घर में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे.
माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से गोदाम में रखे कपड़ों के स्टॉक ने आग पकड़ ली. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और सीढ़ियों के रास्ते ऊपरी मंजिलों तक पहुँच गया. धुएं के गुबार और लपटों ने बाहर निकलने तक का मौका नही दिया, जिससे परिवार अंदर ही फंस गया.
रेस्क्यू और चीख-पुकार
मकान से उठती लपटें और बच्चों की चीखें सुनकर पड़ोसी इदरीश और अन्य स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े. सामने वाले मकान की छत से सीढ़ियां लगाकर और दीवार तोड़कर लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई. जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुँचीं. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत और दमकल की कई गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका. इस दौरान कुछ दमकल कर्मी भी मामूली रूप से चोटिल हुए.
मासूमों और महिला ने तोड़ा दम
मलबे और धुएं के बीच से निकाले गए 7 लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने 6 को मृत घोषित कर दिया. मृतकों में इकबाल की बहु रुखसार 30 वर्ष और पांच बच्चे अद्दस 3 वर्ष, नबिया 6 माह, इनायत 6 माह, महविश 12 वर्ष और हम्माद 4 वर्ष शामिल हैं. इकबाल की पत्नी बानो की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और वे अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं.
प्रशासन की कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएम और एसएसपी ने देर रात ही मौके का मुआयना किया. एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के अनुसार, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट और गैस सिलेंडर लीक होने जैसे पहलुओं पर गौर किया जा रहा है. हालांकि, रिहायशी इलाके में कपड़ों का बड़ा गोदाम होना एक बड़ी लापरवाही माना जा रहा है, जिसकी वजह से आग इतनी तेजी से फैली.
मुरादाबाद अग्निकांड अगस्त 2022 : जब शादी की खुशियां मातम में बदलीं
मुरादाबाद के गलशहीद इलाके में अगस्त 2022 को एक तीन मंजिला मकान धू-धू कर जल उठा था. घर में शादी का माहौल था और मेहमानों की आवाजाही लगी हुई थी, लेकिन खुशियों के बीच अचानक काल ने दस्तक दी. मकान के ग्राउंड फ्लोर पर कबाड़ का काम होता था, जहाँ शॉर्ट सर्किट की वजह से भड़की चिंगारी ने वहां रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया. देखते ही देखते आग इतनी भीषण हो गई कि ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और पूरा घर धुएं के गुबार से भर गया.
मुरादाबाद की इस घटना में भी मेरठ की तरह एक ही परिवार के 5 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी, जिनमें मासूम बच्चे और महिलाएं शामिल थीं. दोनों ही मामलों में रिहायशी मकान के अंदर व्यावसायिक गोदाम का होना मौत की सबसे बड़ी वजह बना. संकरी गलियां और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण फायर ब्रिगेड को समय पर पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी थी.
