Begin typing your search above and press return to search.

बैडमिंटन खेलते-खेलते आई मौत! कोर्ट पर गिरा खिलाड़ी फिर 5 सेकंड के अंदर गई जान, CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर

Mahoba Heart Attack News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. महोबा जिला स्टेडियम में बैडमिंटन खेल रहे 58 साल के सुधीर गुप्ता को बैडमिंटन खेलते खेलते हार्ट अटैक आ गया और फिर मौत हो गयी.

Mahoba Heart Attack
X

इमेज- इंटरनेट 

By Neha Yadav

31 मार्च 2026, आजकल हार्ट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं कभी जिम में , कभी दौड़ते हुए तो कभी बैठे बैठे हार्ट अटैक आ जाता है. ऐसीही हैरान कर देने वाली खबर उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से सामने आई है. महोबा जिला स्टेडियम में बैडमिंटन खेल रहे 58 साल के सुधीर गुप्ता को बैडमिंटन खेलते खेलते हार्ट अटैक आ गया और फिर मौत हो गयी.

बैडमिंटन खेलते खेलते आया हार्ट अटैक

घटना महोबा जिला स्टेडियम की है. मृतक की पहचान पस्तोर गली के रहने वाले 58 वर्षीय सुधीर गुप्ता के रूप में हुई है. सुधीर गुप्ता की महोबा जिला स्टेडियम में बैडमिंटन खेलते खेलते अचानक कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गयी.

जानकारी के मुताबिक़, सुधीर गुप्ता हमेशा महोबा जिला स्टेडियम बैडमिंटन खेलने जाते थे. रोज की तरह घटना वाले दिन भी गए हुय थे. वह अपने दोस्तों के साथ बैडमिंटन खेल रहे. इसी बीच अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. उनके कदम लड़खड़ाने लगे और गिर पड़े.

सडन कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत?

सुधीर के गिरते ही हड़कंप मच गया. उनके साथी उन्हें ततकाल अस्पताल ले गए. लेकिन तबतक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टर ने जांच की बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच ने बताया है कि साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हुई है.

घटना का वीडियो आया सामने

घटना का वीडियो सीसीटीवी में रीकॉर्ड हो गया. जो वायरल हो रहा है, वीडियो में देखा जा सकता है. सुधीर कितने एक्टिव और फिट नजर आ रहे हैं. वो अच्छा खेल रहे हैं. तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी और वो गिर पड़े. फिर उठे ही नहीं.

हार्ट अटैक आने पर क्या करें

हार्ट अटैक एक गंभीर समस्या है. जिसकी वजह से देशभर में लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं. यह स्थिति इतनी खतरनाक होती है कि कई बार मरीज को समय रहते इलाज नहीं मिल पाता. लेकिन डॉक्टर के आने से पहले प्राथमिक चिकित्सा देकर मरीज की जान बचाई जा सकती है. तो चलिए जानते हैं हार्ट अटैक आने की स्थिति में आप किन तरीकों से पेशेंट की जान बचाने की कोशिश कर सकते हैं.

पेशेंट को दें ये दवा

आमतौर पर लोग सिरदर्द के लिए घर में Disprin नाम की टेबलेट रखते हैं. यदि आपके घर में भी डिस्प्रिन है तो ऐसे समय में बहुत काम आएगी. ये दवा ब्लड की क्लाॅटिंग को रोकने के भी काम आती है. Ecosprin या Aspirin भी इसी तरह की दवाएं हैं। सीने में दर्द या दबाव की स्थिति में फौरन ये दवा पेशेंट को देनी चाहिए. इससे मृत्यु दर 15 प्रतिशत कम हो सकती है.

सीपीआर दे सकते हैं

आप ऐसे समय में पेशेंट को 'सीपीआर' देकर हाॅस्पिटल पहुंचने से पहले के क्रिटिकल समय में उनकी जान बचा सकते हैं।

सीपीआर कैसे देंते हैं

सीपीआर का मतलब कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन है. जो हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में कारगर है. इसके जरिए रोगी के शरीर में रक्त और ऑक्सीजन का संचार किया जा सकता है जो मूलतः हार्ट का काम है और जो इस समय वह नहीं कर पा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार सीपीआर देने की एक विशेष तकनीक है जो इस प्रकार है

सबसे पहले पेशेंट को पीठ के बल लिटा लेना है. अपनी हथेलियों को मरीज के सीने के बीचों बीच रखें. इसके लिए दोनों हाथों को इस प्रकार से जोड़ें कि एक हथेली का निचला हिस्सा छाती पर आए. ऊपरी हथेली की उंगलियों को नीचे वाली हाथ की उंगलियों से गूंथ लें. फिर हथेली को छाती के केंद्र के निचले आधे हिस्से पर रखकर दबाएं. प्रति मिनट आपको ऐसा करीब 100 से 120 बार करना होगा. ऐसा करके पूरे शरीर में रक्त के प्रवाह को बनाए रखने का प्रयास किया जाता है. सही तरीके से यदि सीपीआर दिया जा सके तो मरीज की जान बच सकती है.

ये सभी विधियाँ प्राथमिक चिकित्सा हैं. जैसे ही एंबुलेंस आए आप तल्काल पेशेंट को हाॅस्पिटल ले जाएं. जहां उन्हें विशेषज्ञों की निगरानी में सही इलाज मिल सके.

Neha Yadav

नेहा यादव रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी से बीएससी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएट करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। पिछले 6 सालों से विभिन्न मीडिया संस्थानों में रिपोर्टिंग करने के बाद NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहीं है।

Read MoreRead Less

Next Story