लखनऊ में कसाई बना बेटा : पिता को गोली मार आरी से लाश के किए कई टुकड़े, फिर नीले ड्रम में भरा...
Lucknow Blue Drum Murder : लखनऊ के आशियाना इलाके में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ करियर के दबाव ने एक 19 साल के बेटे को अपने ही पिता का जल्लाद बना दिया. पढ़ाई के विवाद में अक्षत नाम के युवक ने पहले पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मारी और फिर पहचान छिपाने के लिए आरी से शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए. फिर आरोपी ने पिता के धड़ को एक स्लीपिंग बैग में लपेटकर नीले ड्रम के अंदर ठूंस दिया था.

लखनऊ में कसाई बना बेटा : पिता को गोली मार आरी से लाश के किए कई टुकड़े, फिर नीले ड्रम में भरा...
Lucknow Blue Drum Murder : लखनऊ : लखनऊ के आशियाना इलाके से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने बाप-बेटे के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. यहाँ 19 साल के एक युवक ने करियर के दबाव और पढ़ाई की खींचतान में अपने ही पिता की लाइसेंसी राइफल से हत्या कर दी. इतना ही नहीं, पकड़े जाने के डर से आरोपी बेटे ने पिता के शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में छिपा दिया.
जिद और नफरत की कहानी
आरोपी अक्षत प्रताप सिंह का स्वभाव बचपन से ही काफी जिद्दी और अड़ियल था. उसकी मां की मौत बचपन में ही हो गई थी, जिसके बाद वह और भी बागी हो गया. अक्षत के पिता मानवेंद्र सिंह शराब और पैथोलॉजी के बड़े कारोबारी थे. वे चाहते थे कि अक्षत मेडिकल की पढ़ाई करे और भविष्य में उनका बिजनेस संभाले, लेकिन अक्षत का मन पढ़ाई में बिल्कुल नहीं लगता था. पिता का यही दबाव अक्षत के मन में नफरत बन गया.
कसाई की तरह शव के किए टुकड़े
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 20 फरवरी की सुबह अंजाम दी गई. अक्षत ने घर में रखी लाइसेंसी राइफल से पिता के सिर में गोली मार दी. हत्या के बाद उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे कार तक घसीटा, लेकिन वजन ज्यादा होने के कारण वह नाकाम रहा. इसके बाद उसने बाजार से आरी खरीदी और कसाई की तरह पिता के हाथ, पैर और सिर काटकर अलग कर दिए. उसने शरीर के धड़ को एक स्लीपिंग बैग में भरकर नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में छिपा दिया था.
पुलिस को सुनाई सुसाइड की झूठी कहानी
वारदात के बाद शातिर अक्षत ने खुद ही थाने जाकर पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस को शक तब हुआ जब अक्षत के बयानों में बार-बार बदलाव आने लगा. पहले उसने पुलिस को गुमराह करते हुए इसे सुसाइड बताने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की और घर की तलाशी ली, तो नीले ड्रम से पिता का धड़ बरामद हुआ.
इलाके में सन्नाटा
मानवेंद्र सिंह पिछले 12 सालों से इस इलाके में रह रहे थे और मिलनसार स्वभाव के थे. उनके पिता यानी अक्षत के दादा एक रिटायर्ड दरोगा हैं. पुलिस ने अक्षत को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल राइफल व आरी बरामद कर ली है. अक्षत पर हत्या और सबूत मिटाने जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
मेरठ का नीला ड्रम कांड
मेरठ के शास्त्री नगर इलाके में मार्च 2025 में एक ऐसी वारदात सामने आई, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया था. यहाँ एक मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की उसकी ही पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उन्होंने सौरभ के शव के कई टुकड़े किए और उन्हें एक नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट और कंक्रीट डाल दिया ताकि लाश कभी न मिले और बदबू भी बाहर न आए. कई दिनों तक जब सौरभ का पता नहीं चला, तो पुलिस जांच में यह खौफनाक राज खुला और घर से वह भारी-भरकम नीला ड्रम बरामद हुआ.
इस घटना की क्रूरता ने मेरठ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में नीले ड्रम का खौफ पैदा कर दिया. सोशल मीडिया पर इसे लेकर हजारों मीम्स और रील्स बनने लगीं थी. पुलिस ने जब कटर से उस ड्रम को काटा, तो उसके अंदर से कंक्रीट में जमे हुए शव के टुकड़े निकले. इस सनसनीखेज वारदात पर अब एक वेब सीरीज भी बन चुकी है.
