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खाकी हुई दागदार! 100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, 12 ज़मीनें, 11 दुकानें और 33 कंपनियां, 10 साल की नौकरी में कानपुर CO ने खड़ा किया दौलत का पहाड़

Kanpur DSP Corruption: कानपुर के पूर्व डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला पर 100 करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति का आरोप है। जांच में आर्यनगर की 11 दुकानें, 12 जमीनें और बेटे के नाम पर 33 कंपनियां सामने आईं..

खाकी हुई दागदार! 100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, 12 ज़मीनें, 11 दुकानें और 33 कंपनियां, 10 साल की नौकरी में कानपुर CO ने खड़ा किया दौलत का पहाड़
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By Ragib Asim

Kanpur DSP Corruption: उत्तर प्रदेश के कानपुर में तैनात रहे पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) ऋषिकांत शुक्ला पर भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। जांच में सामने आया है कि उन्होंने 12 ज़मीनें, 11 दुकानें और कई बेनामी संपत्तियां जुटाई हैं। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, जबकि कुछ सूत्रों का कहना है कि यह आंकड़ा 200 से 300 करोड़ रुपये तक हो सकता है।

दरोगा से डीएसपी तक का अवैध सफर

एसआईटी की जांच रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि ऋषिकांत शुक्ला ने 1998 से 2009 के बीच जब वे कानपुर में दरोगा के पद पर तैनात थे तब से ही अकूत दौलत बटोरनी शुरू कर दी थी। कानपुर पुलिस कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर यह जांच शुरू की गई, जिसमें पाया गया कि शुक्ला ने अपनी घोषित आय से कई गुना अधिक संपत्ति अपने परिवार और करीबियों के नाम पर खरीदी।

शिकायतकर्ता सौरभ भदौरिया ने आरोप लगाया कि शुक्ला ने एसओजी में रहते हुए ठेकेदारी, जबरन वसूली और जमीन कब्जाने से करोड़ों रुपये कमाए। शासन ने अब उन्हें निलंबित कर विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।

बेनामी संपत्तियों का जाल, आर्यनगर में 11 दुकानें

जांच में सामने आया है कि शुक्ला ने अवैध संपत्ति को छिपाने के लिए बेनामी संपत्तियों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया। कानपुर के आर्यनगर इलाके में 11 दुकानें उनके सहयोगी देवेंद्र दुबे के नाम पर दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक उनकी करीबी अखिलेश दुबे से भी संबंध सामने आए हैं, जो फर्जी मुकदमे और जमीन कब्जे से जुड़ा गिरोह चलाता है। एसआईटी ने इस नेटवर्क में पुलिस, केडीए और राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई है।

बेटे ने बनाई 33 कंपनियां, हुआ धन शोधन का खेल

शिकायत में यह भी कहा गया है कि शुक्ला के बेटे विशाल शुक्ला ने अपराधी अखिलेश दुबे के साथ मिलकर 33 कंपनियां बनाई थीं, जिनका इस्तेमाल काले धन को सफेद करने में किया गया। जांच एजेंसियां अब इन कंपनियों और संबंधित लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।

92 करोड़ की संपत्तियों के दस्तावेज मिले, बाकी जांच जारी

एसआईटी रिपोर्ट के अनुसार अब तक 92 करोड़ रुपये की संपत्तियों के कागज़ बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन और संपत्तियों के दस्तावेज़ तलाशे जा रहे हैं। शासन ने अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) की संस्तुति पर विजिलेंस जांच के आदेश जारी किए हैं।

फिलहाल डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। वह मैनपुरी जिले में तैनात थे। विजिलेंस की रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने कहा है कि इतनी बड़ी संपत्ति रखने वाले अधिकारी को सिर्फ सस्पेंड नहीं, बल्कि बर्खास्त किया जाना चाहिए।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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