बॉयफ्रेंड ने प्रेमिका और उसके बेटे को कुल्हाड़ी से काटा, फिर पत्थर से चेहरा कुचलकर सड़क पर फेंकी लाश, मासूम को भूसे में दबाकर जलाया

Jhansi Double Murder
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Jhansi Double Murder: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बरौटा गांव में 40 साल के आरोपी चतुर्भुज पटेल उर्फ दीपक ने पति के पास जाने की जिद करने पर अपनी लिव इन पार्टनर वाली नीलू देवी (30) और उसके बेटे कृष्णा को कुल्हाड़ी से काट डाला.

Jhansi Double Murder: 2 अप्रैल 2026, उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बरौटा गांव में एक प्रेमी ने अपनी लिव-इन में रहने वाली गर्लफ्रेंड और उसके 3 साल के बेटे की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या कर दी. बच्चे को भूसे के ढेर में डालकर आग लगा दी और प्रेमिका की लाश को सड़क किनारे फेंका दिया.

प्रेमी ने की लिव-इन पार्टनर और बेटे की हत्या

मामला लहचूरा थाना क्षेत्र के बरौटा गांव का है. वारदात 2 अप्रैल की रात की है. 40 साल के आरोपी चतुर्भुज पटेल उर्फ दीपक ने पति के पास जाने की जिद करने पर अपनी लिव इन पार्टनर वाली नीलू देवी (30) और उसके बेटे कृष्णा को कुल्हाड़ी से काट डाला. दोनो एक शव को दी दिन तक घर में रखा. 4 अप्रैल की रात प्रेमिका केचेहरे को कुचलकर सड़क किनारे फेंक दिया. जबकि 7 अप्रैल की रात को बच्चे के शव को भूसे के ढेर में डालकर जला दिया.

पुलिस ने ऐसे किया आरोपी को गिरफ्तार

5 अप्रैल को महिला की लाश मिली और 8 अप्रैल को बच्चे की लाश मिली. पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुट गयी. स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला दीपक चतुर्भुज पटेल नाम का आदमी एक महिला और बच्चे को अपने साथ लेकर आया था. लेकिन दीपक लापता था. पुलिस ने छानबीन तेज की और आरोपी का पता लगाया. बुधवार रात आरोपी के नहर से बरौटा रोड पर जाने की सूचना मिली जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया. उस दौरान उसने पुलिस पर हमला भी किया. जिसमे जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी है.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, आरोपी चतुर्भुज पटेल बरौठा का रहने वाला है. वह गुस्सैल और शराबी था.चतुर्भुज पटेल की पहली पत्नी नेहा की मौत हो चुकी थी. वहीँ, दूसरी शादी हेमलता से हुई. लेकिन विवाद के बाद दोनों अलग हो गए. गुरुग्राम में काम करने वाले दोस्त के जरिये उसकी मुलाक़ात गुरुग्राम में रह रही नीलू देवी से हुई.

आरोपी ने क्यों ली पार्टनर और बेटे की जान

नीलू देवी मूलरूप से गुजरात की रहने वाली थी. उसके एक पुत्र कृष्णा (3) था. पति से उसका तलाक हो गया था. धीरे धीरे नीलू देवी और चतुर्भुज की दोस्ती हुई और प्यार हो गया. दोनों गुरुग्राम में साथ रहने लगे. नीलू देवी उसके गाँव भी आना जाना करती थी. चतुर्भुज 1 अप्रैल को नीलू और उसके बेटे कृष्णा को लेकर गांव आ गया. नीलू देवी दो अप्रैल की रात अपने पति के पास जाने की जिद करने लगी. जिसे लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया और गुस्से में चतुर्भुज ने दोनों की जान ले ली.

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