झांसी में 'दृश्यम' पार्ट-3! भाई को काटकर घर के फर्श में दफनाया, ऊपर से कूलर चलाकर सोता रहा हत्यारा, ऐसे खुला 'दृश्यम' जैसा कांड।
Jhansi Brother Murder Case : उत्तर प्रदेश के झांसी में मामूली विवाद के बाद छोटे भाई ने बड़े भाई की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी और लाश को ठिकाने लगाने के लिए घर के पीछे ही 5 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया. राज न खुले, इसके लिए आरोपी ने शव पर 100 किलो नमक भी डाल दिया और खुद ही थाने जाकर भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी, लेकिन घर से आने वाली दुर्गंध ने इस खौफनाक कत्ल का राज खोल दिया.

झांसी में 'दृश्यम' पार्ट-3! भाई को काटकर घर के फर्श में दफनाया, ऊपर से कूलर चलाकर सोता रहा हत्यारा, ऐसे खुला 'दृश्यम' जैसा कांड।
Jhansi Brother Kills Brother Drishyam Style : झांसी : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए. यहां एक छोटे भाई ने संपत्ति विवाद और मामूली कहासुनी के चलते अपने सगे बड़े भाई की बेरहमी से हत्या कर दी. इतना ही नहीं, उसने घर के पीछे 5 फीट गहरा गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए लाश पर 100 किलो नमक डाल दिया.
कुल्हाड़ी से किया वार, फिर खुद ही दर्ज कराई गुमशुदगी
घटना प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिहारीपुरा मोहल्ले की है. 10 फरवरी को घर में एमबीए पास बड़ा भाई तारिक बेग 40 वर्ष और छोटा भाई मशारिक अकेले थे. दोनों के बीच अक्सर संपत्ति और नौकरी को लेकर विवाद होता रहता था. उस दिन बात इतनी बढ़ी कि मशारिक ने कुल्हाड़ी से तारिक पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद उसने खुद ही 15 फरवरी को थाने जाकर भाई की गुमशुदगी दर्ज कराई. वह पुलिस और परिवार को यह कहकर गुमराह करता रहा कि भाई कहीं चले गए हैं. जब भी मां या मामा फोन करते, वह रोने का नाटक करता और अनजान बन जाता.
100 किलो नमक और 5 फीट गहरी कब्र
हत्या के बाद आरोपी ने घर के पीछे बने तबेले में एक कब्र खोदी. उसने सोचा कि अगर लाश दफना दी तो किसी को पता नहीं चलेगा, लेकिन बदबू न फैले और शरीर जल्दी गल जाए, इसके लिए उसने बाजार से 100 किलो नमक मंगवाया और लाश के ऊपर डाल दिया. ऊपर से फर्श रख दिए ताकि जमीन समतल दिखे.
मामा के शक ने खोला खौफनाक राज
तारिक का मोबाइल लगातार बंद आ रहा था और मशारिक भाई को ढूंढने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा था. यह देखकर मामा मोहम्मद सलीम को शक हुआ. उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि दोनों भाइयों में विवाद चल रहा था. जब 19 फरवरी को घर के पीछे से तेज दुर्गंध आने लगी, तो पुलिस ने मशारिक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की. शुरुआत में वह 3 घंटे तक पुलिस को छकाता रहा, कभी इधर तो कभी उधर दफनाने की बात कहता रहा. लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो उसने सब उगल दिया. रात 12 बजे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खुदाई की गई, जहाँ से तारिक की सड़ी-गली लाश बरामद हुई.
नौकरी और जायदाद की थी रंजिश
मृतक के पिता शिक्षक थे, जिनकी मौत के बाद तारिक को अनुकंपा पर चपरासी की नौकरी मिल रही थी. चूंकि तारिक एमबीए पास था, उसने चपरासी बनने से मना कर दिया. बाद में वह नौकरी मशारिक को मिल गई. इसी बात को लेकर और पिता के 2500 वर्गफीट के मकान के हिस्से को लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता था. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया हैं.
कानपुर का खौफनाक दृश्यम कांड
कानपुर में एक जिम ट्रेनर ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर लाश को जिस तरह ठिकाने लगाया, उसने रोंगटे खड़े कर दिए थे. आरोपी ने दृश्यम फिल्म से आइडिया लेकर हत्या के बाद शव को एक वीआईपी इलाके में स्थित सरकारी बंगले के परिसर में दफना दिया था. उसने सोचा था कि हाई-प्रोफाइल इलाका होने के कारण वहां कोई खुदाई नहीं करेगा और वह बच जाएगा. पकड़े जाने के डर से आरोपी ने कई महीनों तक पुलिस को खूब छकाया और फिल्मी अंदाज में खुद को बेगुनाह साबित करने का नाटक करता रहा.
पुलिस को गुमराह करने के लिए वह लगातार अपने बयान बदलता रहा, लेकिन जब शक गहराया और पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया. उसने खुद वह जगह दिखाई जहां उसने गहरा गड्ढा खोदकर लाश छिपाई थी. झांसी की हालिया घटना में भी आरोपी भाई ने ठीक इसी तरह पुलिस को चकमा देने की कोशिश की और खुद थाने जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. कुलमिलाकर अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न बन जाए, कानून की नजरों से ज्यादा दिन छिप नहीं सकता.
