Jhansi Murder Case: मेरठ के 'नीले ड्रम' से भी खौफनाक हत्याकांड, 62 साल के पूर्व कर्मचारी ने 32 वर्षीय प्रेमिका की हत्या कर शव जलाया, अवशेष नीले ट्रंक में छुपाए
Jhansi Blue Trunk Murder: झांसी में 62 वर्षीय रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ने 32 वर्षीय प्रेमिका की हत्या कर शव को जला दिया। अवशेष नीले ट्रंक में छिपाए, लोडर ड्राइवर की सूझबूझ से ऐसे खुला मामला।

Jhansi Murder Case: झांसी में एक ऐसा खौफनाक अपधिक मामला सामने आया है जिसने मेरठ के मशहूर ब्लू ड्रम हत्याकांड की याद ताज़ा कर दी है। एक 62 वर्षीय रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ने अपनी 32 वर्षीय प्रेमिका की हत्या करने के बाद उसके शव को जला दिया और अवशेषों को एक नीले रंग के ट्रंक में छिपा दिया। यह मामला तब उजागर हुआ जब ट्रंक को ठिकाने लगाने के लिए बुलाए गए लोडर के ड्राइवर को शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी।
तीन महिलाओं से थे संबंध
पुलिस के अनुसार आरोपी राम सिंह (62 वर्ष) का पहले से ही दो महिलाओं के साथ अंतरंग संबंध था। आरोपी की पत्नी भी है जो झांसी के नंदनपुरा इलाके में रहती है और एक प्रेमिका भी है जो शहर की कोतवाली के पास रहती है। बाद में उसका तीसरी महिला प्रीति (32 वर्ष) से संबंध बन गया।
राम सिंह ने प्रीति को सिपरी बाजार पुलिस स्टेशन के अंतर्गत लहर गांव में एक किराए के मकान में रखा था। प्रीति विवाहित थी और ITI के पास अपने पति के साथ रहती थी लेकिन अक्सर आरोपी के साथ किराए के मकान में ठहरती थी।
आरोपी की एक अन्य प्रेमिका के अनुसार राम सिंह प्रीति की लगातार पैसों की मांग से तंग आ गया था। इसी वजह से लगभग एक हफ्ते पहले उसने किराए के मकान में प्रीति की हत्या कर दी। हत्या के बाद राम सिंह ने अपने 16 वर्षीय बेटे की मदद से शव को एक बड़े नीले रंग के बक्से में रखा। फिर उसने शव को जला दिया और अवशेषों को उसी ट्रंक में छिपा दिया।
लोडर ड्राइवर की सूझबूझ से खुला मामला
शनिवार देर रात राम सिंह ने ट्रंक को ठिकाने लगाने का फैसला किया। इसके लिए उसने एक लोडर किराए पर लिया और ड्राइवर को सिविल अस्पताल की तरफ जाने को कहा। खुद वह ट्रक के पीछे-पीछे चलने लगा। रास्ते में राम सिंह अचानक गायब हो गया। इससे ट्रक के ड्राइवर को शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस ने ट्रंक की जांच की तो उसके अंदर राख कोयले के टुकड़े और जली हुई हड्डियों के छोटे-छोटे टुकड़े बरामद हुए।
फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंची और सैंपल इकट्ठे किए। इसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम लहर गांव स्थित किराए के घर में गई। वहां उन्हें मिट्टी का चूल्हा, लकड़ी और कोयला मिला, जिनका इस्तेमाल शव को जलाने के लिए किया गया था। घर के अंदर एक नीला ड्रम भी मिला।
सर्किल ऑफिसर (सिटी) लक्ष्मीकांत गौतम ने मीडिया को बताया कि आरोपी की प्रेमिका ने पुलिस को जानकारी दी कि राम सिंह ने उससे कबूल किया था कि उसने प्रीति की हत्या इसलिए की क्योंकि वह उससे लगातार पैसे मांगती थी।
शरीर पूरी तरह जल चुका था
सर्किल ऑफिसर ने बताया शरीर पूरी तरह राख में बदल चुका था, केवल हड्डियों के कुछ टुकड़े बचे थे। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के 16 वर्षीय बेटे पर भी शव को ठिकाने लगाने में अपने पिता की मदद करने का संदेह है।
हत्या का मामला दर्ज करने होने के बाद आरोपी राम सिंह फरार हो गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें लगाई थीं। एसपी (सिटी) प्रीति सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी राम सिंह को रविवार शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी ने आगे कहा कि पीड़िता प्रीति के साथ आरोपी का पिछले दस वर्षों से संबंध था।
