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गोरखपुर में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार: SDM को मारा थप्पड़, 5 करोड़ की रिश्वत, चार गर्लफ्रेंड… तीन प्रेग्नेंट; जालसाज़ IAS के हैरान करने वाले कारनामे

IAS Officer Arrest: गोरखपुर में पकड़ा गया फर्जी IAS अधिकारी चौकाने वाले कारनामों में शामिल था। SDM को थप्पड़ मारने से लेकर 5 करोड़ की रिश्वत लेने और चार गर्लफ्रेंड बनाने तक उसकी ठगी का नेटवर्क बिहार-UP-MP में फैला था।

गोरखपुर में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार: SDM को मारा थप्पड़, 5 करोड़ की रिश्वत, चार गर्लफ्रेंड… तीन प्रेग्नेंट; जालसाज़ IAS के हैरान करने वाले कारनामे
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By Ragib Asim

Gorakhpur Fake IAS Officer Arrest: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक ऐसा फर्जी IAS पकड़ा गया है जिसने अपराध और धोखे की अपनी कहानी से पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी गौरव कुमार उर्फ ललित किशोर खुद को IAS Officer बताकर न केवल बड़े अफसरों के बीच रौब झाड़ता था, बल्कि उसने एक असली SDM को थप्पड़ भी मारा था। उसके पास से 99.90 लाख रुपये बरामद होने के बाद जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, तो उसके कारनामों की लंबी फेहरिस्त सामने आई। उसने पत्नी के अलावा चार गर्लफ्रेंड बनाई थीं, जिनमें से तीन गर्भवती पाई गईं। 5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने से लेकर 450 करोड़ का टेंडर दिलाने का वादा करने तक, उसका जाल कई राज्यों में फैला हुआ था।

स्टेशन पर 99.90 लाख मिलने से खुला फर्जी IAS का राज

गोरखपुर स्टेशन पर एक सूटकेस से लगभग एक करोड़ रुपये मिलने के बाद पुलिस को जिस व्यक्ति की तलाश थी, वही गौरव कुमार पकड़ा गया। घटना के 33 दिन बाद उसे गोरखपुर के एक ठिकाने से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने बिहार, यूपी, एमपी और अन्य राज्यों में बड़े ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों और छात्रों को नौकरी और ठेका दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी की। पुलिस उसकी निशानदेही पर उसके साथी परमानंद गुप्ता को भी गिरफ्तार कर चुकी है जबकि उसके साले अभिषेक की तलाश जारी है।

सुपर-50 कोचिंग से शुरू हुआ फ्रॉड, फिर बना ‘IAS Officer’

गौरव मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी का रहने वाला है। पिता मजदूरी करते थे और वह भी पढ़ाई के साथ पेंट-पॉलिश का काम करता था। 2019 में उसने गणित से MSc की और 2022 में सुपर 50 नाम से कोचिंग खोली। इसी दौरान उसने पहली ठगी की, जब एक छात्र से नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख रुपये ले लिए। एफआईआर दर्ज होने के बाद वह एक साल तक अंडरग्राउंड रहा। इसी बीच गांव की एक लड़की से शादी कर ली। पैसे की जरूरत ने उसे बड़े फ्रॉड की तरफ धकेला और उसने सोशल मीडिया पर खुद को सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाला बताया। फिर खुद को IAS घोषित कर दिया और लोगों से रकम ऐंठनी शुरू कर दी।

पत्नी, चार गर्लफ्रेंड और IAS का धौंस

गोरखपुर में गौरव ने अपने साथी परमानंद की मदद से खुद को IAS Officer के रूप में प्रोजेक्ट किया। गुलरिहा थाना क्षेत्र में उसने अपने नाम की बड़ी नेमप्लेट लगवाकर रौब जमाया और वहीं वह पत्नी और दो बच्चों के साथ रहने लगा। इसी दौरान उसने चार गर्लफ्रेंड बनाई और पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनमें से तीन गर्भवती हैं। उसका प्रभाव इतना था कि एक बार बिहार के भागलपुर में एक गांव के निरीक्षण के दौरान उसने असली SDM के सवाल पूछने पर उसे दो थप्पड़ मार दिए। यह मामला वहां खूब चर्चा में रहा।

450 करोड़ के टेंडर के नाम पर 5 करोड़ की रिश्वत

7 नवंबर को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया 99.90 लाख का कैश इसी 5 करोड़ की रिश्वत का हिस्सा था, जिसे गौरव ने बिहार के एक ठेकेदार माधव से 450 करोड़ रुपये का टेंडर दिलाने का लालच देकर लिया था। पुलिस को अब पता चल रहा है कि उसका नेटवर्क कई राज्यों में फैला था और वह सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ चुका था। उसकी ठगी का शिकार आम सरकारी कर्मचारी से लेकर बड़े ठेकेदार और छात्र तक हुए हैं।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई जारी, और भी खुलासों की उम्मीद

गौरव कुमार उर्फ ललित पुलिस की गिरफ्त में है और उसके साथियों की तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि उसकी ठगी का दायरा अनुमान से कहीं बड़ा हो सकता है। उसके मोबाइल, बैंक खाते, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है और उम्मीद है कि अभी और कई बड़े खुलासे सामने आएंगे। फर्जी IAS की यह गिरफ्तारी गोरखपुर समेत कई राज्यों की पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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