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फतेहपुर में BLO ने की आत्महत्या: स्कूल के क्लास रूम में लगाई फांसी, बेटी की शादी के लिए नहीं मिल रही थी छुट्टी

सरकारी प्राइमरी स्कूल में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने आत्महत्या कर ली है। बेटी की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिलने पर उसने ये आत्मघाती कदम उठा लिया।

फतेहपुर में BLO ने की आत्महत्या: स्कूल के क्लास रूम में लगाई फांसी, बेटी की शादी के लिए नहीं मिल रही थी छुट्टी
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Chitrsen Sahu

फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने आत्महत्या कर ली है। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की ड्यूटी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लगी थी और बेटी की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिलने पर उसने शनिवार को सरकारी प्राइमरी स्कूल में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मौके पर सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपने आत्महत्या के पीछे की वजह बताई है। यह पूरा मामला बिंदकी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान अखिलेश सविता (50) के रूप में की गई है, जो कि अपनी पत्नी मंजू देवी, बेटी दिव्यांशी और बेटा दिव्यांश के साथ अलियाबाद गांव में रहते थे। बताया जा रहा है कि अखिलेश सविता अलियाबाद गांव के ही सरकारी प्राइमरी स्कूल में शिक्षामित्र थे और उनकी ड्यूटी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में लगी थी।

क्लास रूम में की आत्महत्या

जानकारी के मुताबिक, 8 मार्च को अखिलेश की बेटी दिव्यांशी की शादी होने वाली है, जिसके लिए वह प्रशासन से छुट्टी मांग रहे थे। शनिवार रोज की तरह वह सुबह 9 बजे स्कूल पहुंचे बच्चों को पढ़ाया और फिर शाम 5 बजे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम करने लगे। देर शाम जब स्कूल के चपरासी ने क्लास रूम चेक किया, तो अखिलेश सविता का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला।

क्या लिखा सुसाइड नोट में ?

सूचना के बाद जब परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्हें एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था कि मैं अखिलेश कुमार BLO के काम से परेशान हो गया हूं। इस काम के लिए मैंने अधिकारी एसडीएम और ईओ साहब के चक्कर काटे। मेरी बेटी की शादी है। मैंने कहा कि किसी और की ड्यूटी लगा दी जाए, लेकिन कोई भी अधिकारी और कर्मचारी सुनने को तैयार ही नहीं हुआ। 8 मार्च को कार्यक्रम है। इतना काम होने के बावजूद मैं बीएलओ का काम लगातार कर रहा हूं। मेरे घर के काम अधूरे रह गए। मैं अकेला व्यक्ति कितना काम कर सकता हूं। इससे परेशान होकर मैं अपनी जान देने को मजबूर हो गया हूं। मेरे और मेरे परिवार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। मेरे मरने के बाद मैं एसआईआर से मुक्ति पा जाऊंगा।

जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

घटना के बाद परिजनों और गांव वालों ने बिंदकी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में जमकर हंगामा किया और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। साथ ही उन्होंने प्रशासन पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि छुट्टी के लिए कई मिन्नतें मांगी गई पर इसे नजरअंदाज कर दिया गया। सर्किल ऑफिसर गौरव शर्मा और तहसीलदार समेत सीनियर पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।

आत्महत्या से बचने और बचाने के लिए क्या करें ?

अगर आप या आपका परिचित ज़रूरत से ज़्यादा तनाव में हैं, घबराहट हो रही है या फिर मन में खुद को नुकसान पहुंचाने का ख्याल आ रहा है तो किसी करीबी से बात करें. इसके अलावा भारत सरकार के सुसाइड हेल्पलाइन नंबर 14416 और 1800-891-4416 पर संपर्क करें.

Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

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