देवरिया शिक्षक सुसाइड केस में बड़ा एक्शन, BSA शालिनी श्रीवास्तव सस्पेंड.....
Deoria Teacher Suicide Case : देवरिया के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड केस में शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया है. जिलाधिकारी की रिपोर्ट और विभागीय लापरवाही की पुष्टि होने के बाद शासन ने यह कड़ा फैसला लिया, जिससे पूरे जिले के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है.

देवरिया शिक्षक सुसाइड केस में बड़ा एक्शन, BSA शालिनी श्रीवास्तव सस्पेंड.....
Deoria Teacher Suicide Case : देवरिया : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले ने अब बड़ा तूल पकड़ लिया है. इस गंभीर प्रकरण में शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
लापरवाही और उदासीनता पड़ी भारी
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के सुसाइड के बाद से ही प्रशासन और विभाग पर सवाल उठ रहे थे. शासन द्वारा जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेशों के पालन में शिथिलता बरती गई और करीब एक साल तक मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. इसे सरकारी दायित्वों के प्रति लापरवाही माना गया है. इससे पहले देवरिया की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने भी बीएसए को जमकर फटकार लगाई थी और उन्हें हटाने के लिए शासन को पत्र लिखा था.
विभागीय जांच शुरू, गोरखपुर जेडी को कमान
शालिनी श्रीवास्तव के खिलाफ केवल निलंबन ही नहीं, बल्कि विभागीय अनुशासनात्मक जांच के भी आदेश दिए गए हैं. उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली-1999 के तहत यह कार्रवाई की गई है. जांच की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक गोरखपुर मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. निलंबन की अवधि के दौरान शालिनी श्रीवास्तव को लखनऊ स्थित शिक्षा निदेशक कार्यालय से संबद्ध किया गया है.
शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्राचार्य संभालेंगे देवरिया का कार्यभार
प्रशासनिक और शैक्षिक कार्यों में कोई रुकावट न आए, इसके लिए शासन ने वैकल्पिक व्यवस्था भी कर दी है. देवरिया में नियमित बीएसए की तैनाती होने तक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य को बीएसए पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
दर्ज हो चुकी है FIR, बाबू भी सस्पेंड
आपको बता दें कि इस मामले में मृतक शिक्षक के परिजनों ने पहले ही गंभीर आरोप लगाए थे. परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और संबंधित बाबू के खिलाफ थाना गुलहरिया में मुकदमा दर्ज कर लिया है. डीएम के निर्देश पर हुई जांच के बाद आरोपी पटल सहायक को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.
बीजेपी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. डीएम दिव्या मित्तल ने साफ कर दिया है कि जिले में प्रशासनिक पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा.
क्या हैं पूरा मामला
यह पूरा मामला देवरिया जिले के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह से जुड़ा है, जिन्होंने विभाग की प्रताड़ना और लापरवाही से तंग आकर 24 फरवरी को आत्महत्या कर ली थी. दरअसल, शिक्षक का वेतन और अन्य विभागीय कार्य लंबे समय से अटके हुए थे. आरोप है कि हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनके कार्यालय के बाबू फाइलों को दबाकर बैठे थे. न्याय के लिए भटकते-भटकते जब शिक्षक परेशान हो गए, तो उन्होंने मौत को गले लगा लिया, जिसके बाद परिजनों ने सीधे तौर पर विभागीय भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया.
शिक्षक की मौत के बाद जब यह मामला गरमाया, तो जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई. जांच में पाया गया कि बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और उनके मातहत कर्मचारियों ने कोर्ट के आदेशों को नजरअंदाज किया और शिक्षक की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया. इसी गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और शासन ने बीएसए को सस्पेंड कर विभागीय जांच की कमान गोरखपुर के संयुक्त शिक्षा निदेशक को सौंपी है.
