UP Crime News: बाप ने सगे बेटे के खिलाफ दी कोर्ट में गवाही, दिलाई उम्रकैद की सजा, जानिए क्या है पूरा मामला?
Bijnor murder case: रिश्तों की डोर कितनी मजबूत होती है यह तो सब जानते हैं। लेकिन जब सच और न्याय का सवाल आए तो क्या खून के रिश्ते भी पीछे रह जाते हैं? बिजनौर से आई एक खबर ने इसी सवाल का जवाब दे दिया है।

Bijnor murder case: रिश्तों की डोर कितनी मजबूत होती है यह तो सब जानते हैं। लेकिन जब सच और न्याय का सवाल आए तो क्या खून के रिश्ते भी पीछे रह जाते हैं? बिजनौर से आई एक खबर ने इसी सवाल का जवाब दे दिया है। बिजनौर में एक हत्याकांड में आखिरकार न्याय मिल गया है। अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने वाले युवक जौनी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस केस की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के खिलाफ सबसे मजबूत गवाही उसके अपने पिता ने दी।
कैसे हुई थी हत्या?
घटना थाना स्योहारा इलाके के गांव सदाफल की है। 8 जनवरी 2023 की रात जौनी अपनी पत्नी प्रियंका के साथ घर की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था। उसके पिता सोमपाल नीचे के कमरे में आराम कर रहे थे। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जौनी नीचे आया और पिता को बताया कि उसकी पत्नी से झगड़ा हो गया है। कुछ देर बाद सामने आया कि विवाद के दौरान जौनी ने प्रियंका की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
पिता ने दिखाया साहस
घटना की जानकारी मिलते ही पिता सोमपाल ने किसी तरह का भावनात्मक फैसला नहीं लिया। उन्होंने तुरंत थाने पहुंचकर अपने बेटे के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई।
अदालत में बनी मजबूत गवाही
मामले की सुनवाई चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निजेंद्र कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष ने कई गवाह पेश किए जिनमें पिता सोमपाल की गवाही सबसे अहम साबित हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ने भी हत्या की पुष्टि की।
अदालत ने सभी सबूतों को देखते हुए जौनी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की मजबूत पैरवी का नतीजा माना जा रहा है।
यह केस साबित करता है कि कानून के सामने कोई रिश्ता बड़ा नहीं होता। जब सच और न्याय की बात आती है, तो खून के रिश्ते भी पीछे छूट जाते हैं। पिता सोमपाल की यह हिम्मत समाज के लिए एक मिसाल है कि गलत के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है, चाहे गलत करने वाला कोई भी हो।
