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Alankar Agnihotri suspended: UGC नियम के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, योगी सरकार ने दिए जांच के आदेश

Alankar Agnihotri suspended: इस्तीफा देने के बाद बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को UP सरकार ने निलंबित किया। UGC नियम और शंकराचार्य विवाद को बताया था कारण।

Alankar Agnihotri suspended: UGC नियम के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित, योगी सरकार ने दिए जांच के आदेश
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By Ragib Asim

Alankar Agnihotri suspended Bareilly: उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है, जांच के लिए बरेली मंडल के मंडलायुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर अपना इस्तीफा पत्र सार्वजनिक किया था। इस्तीफे में उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियम 2026 और प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद का ज़िक्र किया था।

शंकराचार्य विवाद क्या है?

प्रयागराज माघ मेले में 18-19 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन विवाद हुआ था। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पालकी में संगम स्नान के लिए जा रहे थे, तभी प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।मेला प्रशासन का कहना है कि भीड़ नियंत्रण के लिए उस दिन वीआईपी जुलूस पर रोक थी। प्रशासन ने उन्हें पैदल स्नान करने की सलाह दी थी। मेला अधिकारियों ने बाद में स्वामी को दो नोटिस जारी किए एक बैरिकेड तोड़ने और भीड़ को खतरे में डालने के आरोप में, दूसरा 'शंकराचार्य' की उपाधि इस्तेमाल करने पर।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से आरोप लगाया गया कि उनके शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया और पीटा गया। स्वामी नौ दिनों से विरोध में धरने पर बैठे हैं और बीमार भी पड़ गए हैं। विवाद में कानूनी पहलू भी है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पद पर उत्तराधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है।

UGC नियमों को लेकर विवाद क्या है?

UGC ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत हर संस्थान में Equal Opportunity Centre और Equity Committee बनाना अनिवार्य है। अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में इन नियमों को "काला कानून" बताया था। उनका कहना था कि ये नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं।

हालांकि नियमों का उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव रोकना बताया गया है। ये नियम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों के लिए सिस्टम बनाते हैं।

कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री?

अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने 2016 में UPPSC की परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने IIT-BHU से B.Tech और LLB की डिग्री हासिल की हैं। उन्होंने उन्नाव, बलरामपुर और एटा में SDM के रूप में काम किया है। बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट बनने से पहले वे लखनऊ नगर निगम में असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर थे।

अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे के बाद आरोप लगाया था कि उन्हें जिलाधिकारी आवास पर बातचीत के बहाने बुलाया गया और कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक वरिष्ठ सचिव को फोन कर जानकारी दी थी। राज्य सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है। सरकार का कहना है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह इस्तीफा गंभीर है। समाजवादी पार्टी के नेता प्रवीण सिंह आरोन ने कहा कि यह मुद्दा प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमा और संविधान का है।

निलंबन के दौरान अलंकार अग्निहोत्री को शामली के जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही क्लियर होगा कि आरोपों और कार्रवाई के पीछे की सच्चाई क्या है।

Ragib Asim

Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 13 years of experience in journalism and digital media. He began his career with Hindustan and later moved into digital reporting and editorial leadership. Educated at Jamia Millia Islamia and the University of Delhi, he specializes in geopolitics, current affairs, politics, crime, business, technology, and SEO-driven news strategy.

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