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Agra News Hindi: दशहरे की खुशियां मातम में बदलीं, मूर्ति विसर्जन के दौरान 13 डूबे, 4 शव बरामद, 9 अब भी लापता, गांव में मातम

Agra News Hindi: आगरा ज़िले के खेरागढ़ के उतंगन नदी में दशहरे के मौके पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गांव कुसियापुर डूगरवाला के 13 लोग नदी में डूब गए।

Agra News Hindi: दशहरे की खुशियां मातम में बदलीं, मूर्ति विसर्जन के दौरान 13 डूबे, 4 शव बरामद, 9 अब भी लापता, गांव में मातम
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By Ragib Asim

Agra News Hindi: आगरा ज़िले के खेरागढ़ के उतंगन नदी में दशहरे के मौके पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गांव कुसियापुर डूगरवाला के 13 लोग नदी में डूब गए। ग्रामीणों ने प्रयास करके एक युवक विष्णु को बचा लिया लेकिन ओमपाल और गगन के शव डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद मिले। देर रात किशोर मनोज का शव भी बरामद हुआ। अभी भी नौ लोगों का कोई पता नहीं चल सका है, जिनमें पांच नाबालिग शामिल हैं। पूरे इलाके में मातम पसरा है।

हादसा कैसे हुआ?

गुरुवार दोपहर करीब एक बजे कुसियापुर गांव से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए 40-50 लोग नदी किनारे पहुंचे। गांव में चामड़ माता मंदिर के पास दस दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद यह विसर्जन कार्यक्रम था। ग्रामीणों के मुताबिक मूर्ति चार फुट की थी और युवक हाथ पकड़कर गहरे पानी की ओर बढ़ रहे थे। नदी में अचानक गड्ढा आ गया, जिसमें एक युवक का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए बाकी भी हाथ पकड़े हुए थे और सभी एक-एक कर गहरे पानी में समा गए।
गांव के भोला ने हिम्मत दिखाकर दो युवकों को किनारे लाने की कोशिश की लेकिन बाकी लोग गहराई में डूब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और पूरा गांव मातम में डूब गया।

विलाप करते परिजन

बचाव कार्य में देरी पर गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि घटना के वक्त मौके पर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। न पुलिसकर्मी थे और न ही रस्सी-नाव जैसी कोई व्यवस्था। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची लेकिन एसडीआरएफ की टीम करीब छह घंटे बाद आई। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा ने NPG News को बताया कि मूर्ति विसर्जन के लिए नदी के किनारे पुलिस की ड्यूटी लगी थी लेकिन कुछ लोग बीच नदी में चले गए, जहां गहराई ज्यादा थी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और अब भी गोताखोरों की मदद से तलाश जारी है।
मृतकों और लापता युवकों की पहचान
हादसे में डूबे युवकों में विष्णु (20), ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओके (16), सचिन पुत्र रामवीर (26), सचिन पुत्र ऊना (17), गजेंद्र (17) और दीपक (15) शामिल हैं। इनमें से ओमपाल, गगन और मनोज के शव बरामद किए जा चुके हैं। विष्णु को जीवित निकाल लिया गया है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बाकी नौ की तलाश जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
गांव के लोगों ने बताया कि विसर्जन के दौरान युवक हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे थे ताकि गहराई का डर न लगे। एक हाथ से मूर्ति और दूसरे हाथ से साथी को पकड़ा हुआ था। अचानक एक युवक फिसल गया और सभी पानी में गिर पड़े। गड्ढे का किसी को अंदाजा नहीं था। गांव से नदी की दूरी करीब तीन किलोमीटर है और लोग पैदल ही वहां पहुंचे थे।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि अगर मौके पर पुलिस या गोताखोर होते तो इतने लोग नहीं डूबते। ग्रामीणों ने अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि हर साल मूर्ति विसर्जन के दौरान भीड़ उमड़ती है लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं होते।

प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और डीसीपी अतुल शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बचाव कार्य तेज करने का आदेश दिया। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने देर से कार्रवाई की और इसी वजह से इतने लोगों की जान गई।

गांव में पसरा मातम

दुर्गा विसर्जन की तैयारियों से गांव का माहौल पहले भक्तिमय था। दस दिनों तक सुबह-शाम आरती होती रही और गलियों में देवी गीत गूंजते रहे। लेकिन हादसे की खबर के बाद पूरे गांव में करुण क्रंदन गूंज उठा। महिलाओं और बच्चों की चीखें सुनकर हर किसी की आंख नम हो गई। परिवारजन अब भी लापता युवकों की वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आस-पास के जिलों से भी गोताखोरों को बुलाया है। एसडीआरएफ की टीम रात करीब आठ बजे मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। स्थानीय पुलिसकर्मी भी पानी में उतरकर तलाश कर रहे हैं। अब तक तीन शव निकाले जा चुके हैं और नौ लोग लापता हैं।
त्योहारों पर मूर्ति विसर्जन जैसे आयोजनों में हजारों लोग शामिल होते हैं। ऐसे में सुरक्षा इंतजाम न होना जानलेवा साबित हो सकता है। आगरा का यह हादसा बताता है कि प्रशासनिक तैयारी कितनी कमजोर रही। इस घटना ने एक साथ कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। अब सवाल यही है कि क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सरकार और प्रशासन ठोस कदम उठाएंगे।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

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