दो IPS होंगे गिरफ्तार : ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में FIR के बाद आईपीएस पर गिरफ्तारी की तलवार…. विजिलेंस ने सौंपी है दो 200 पेज की रिपोर्ट….माफिया से चैटिंग, महिला पर फर्जी केस, मनचाही पोस्टिंग जैसे संगीन आरोप

नोएडा 25 सितंबर 2020। ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर सौदेबाजी के खुलासा मामले में IPS अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती है। यूपी कैडर के IPS अजयपाल शर्मा और IPS हिंमांशु कुमार पर लगे गंभीर आरोपों की जांच कर विजिलेंस विभाग ने 200 पेज की रिपोर्ट योगी सरकार को भेज दी है। गौतमबुद्ध नगर के पूर्व एसएसपी वैभव कृष्ण द्वारा तैयार की गई गोपनीय रिपोर्ट की जांच शासन के निर्देश पर एसआईटी और विजिलेंस टीम ने की थी। विजिलेंस ने करीब एक सप्ताह पहले ही अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, डीजी विजिलेंस ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इसमें गोपनीय रिपोर्ट के एक-एक बिन्दु पर विस्तृत जांच की गई है। 

इन दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच के बाद विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज करा दी है। इन दोनों के सहित कुल पांच लोगों को नामजद किया गया है, जिसमें कथित पत्रकार चंदन राय, स्वप्निल राय और अतुल शुक्ला भी शामिल हैं। दोनों अफसरों पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। शासन के निर्देश पर मार्च 2020 में विजिलेंस ने दोनों आईपीएस अधिकारियों के विरुद्ध अपनी जांच शुरू की थी। सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस जांच में दोनों अफसरों की कुछ बेनामी संपित्तयों की भी जानकारी सामने आई है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद दोनों ही आईपीएस अधिकारियों के निलंबन को लेकर जल्द ही फैसला हो सकता है। विजिलेंस निदेशक के निर्देशन में तैयार रिपोर्ट में दोनों आईपीएस के खिलाफ लगे तमाम आरोपों में से कई सही पाए गए थे। शासन से नियमों के मुताबिक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई थी।

माफिया से चैटिंग, महिला पर फर्जी केस, मनचाही पोस्टिंग
एसआईटी और विजिलेंस ने अपनी जांच में आईपीएस अजयपाल शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए। एसआईटी ने अपनी जांच में दावा किया है कि शर्मा ने उनकी पत्नी होने का दावा करने वाली महिला के खिलाफ बुलंदशहर और रामपुर में फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए। वह जेल में बंद माफिया अनिल भाटी से लगातार वॉट्सऐप पर चैट कर रहे थे। इसके अलावा मेरठ और एक अन्य जिले में अपनी तैनाती करवाने के लिए कथित पत्रकार और उसके साथी से 80 लाख रुपये के लेन-देन की बात भी की। अजयपाल की वॉट्सऐप चैट तथा कॉल रेकॉर्ड को एसआईटी ने अपनी जांच में सबूत बनाया है। इसी के बाद विजिलेंस ने भी उनके खिलाफ जांच की। नोएडा के पूर्व एसएसपी रहे वैभव कृष्ण ने मनचाही पोस्टिंग के लिए लेनदेन का मसला उठाया था। अजयपाल इसी मामले में आरोपी हैं।

 

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