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महिला के पेट से निकला 10 किलो वजनी ट्यूमर…  NHMMI नारायणा हॉस्पिटल में 4 घंटे से अधिक लंबी जटिल सर्जरी के बाद झारखंड की एक महिला को मिला नया जीवनदान…

महिला के पेट से निकला 10 किलो वजनी ट्यूमर…   NHMMI नारायणा हॉस्पिटल में 4 घंटे से अधिक लंबी जटिल सर्जरी के बाद झारखंड की एक महिला को मिला नया जीवनदान…
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By NPG News
रायपुर 27 जून 2021। जटिल सर्जरी में महिला के पेट से निकला 10 किलो वजनी ट्यूमर झारखण्ड की एक महिला के पेट में “80 प्रतिशत जगह” पर घेराव कर रखा था | एक विशाल ट्यूमर को हटाने के लिए ऍन एच् एम एम आई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में 4 घंटे से अधिक लंबी जटिल सर्जरी के बाद सीनियर कैंसर सर्जन डॉ मौ रॉय एवं टीम ने ट्यूमर हटा कर महिला को नया जीवन दिया
डॉ मौ. ने कहा कि 10 किलो वजनी और 30*30 cm बड़ा यह ट्यूमर दोनों किडनी, पेट, अग्न्याशय और स्प्लीन सहित उसके पेट की सभी संरचनाओं पर दबाव बना रहा था।
ऍन एच् एम एम आई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में वरिष्ठ सलाहकार डॉ मौ. रॉय ने कहा कि इसे करने के लिए एक “बहु-अनुशासनात्मक टीम” कार्डिएक सर्जन पी हरि कुमार, एनेस्थेटिस्ट डॉ आलोक स्वाइन और डॉ स्नेहा के दृष्टिकोण का इस्तेमाल भी किया गया।
झारखण्ड निवासी महिला व मरीज पिछले छह माह से पेट में परेशानी से जूझ रहा था। उसका मूल्यांकन किया गया और स्कैन से पता चला कि उसके शरीर में एक बड़ा ट्यूमर है जो पेट में 80 प्रतिशत से अधिक जगह घेर रहा है। उसे रेट्रोप्रिटोनियल लिपोसारकोमा कहा जाता है | जिसका इलाज सर्जरी से ही संभव है |
डॉ मौ रॉय ने कहा कि हाल ही में की गई सर्जरी से उनके बायीं किडनी में रक्त के उचित प्रवाह में भी मदद मिलेगी, इस रोगी पर एनेस्थीसिया करना जटिल था क्योंकि इस विशाल ट्यूमर ने बायीं किडनी में रक्त की शीरा (veins) पर दबाव डाला था ।
डॉ मौ रॉय ने बताया सर्जरी का सबसे जटिल हिस्सा ट्यूमर को गुर्दे की नसों, महाधमनी और वेना कावा से रक्त को खोए बिना या इन संरचनाओं को नुकसान पहुंचाए बिना अलग करना था, और इसे प्राप्त करने के लिए टीम को इस सर्जरी को अधिक बारीकियों के साथ पूर्ण के साथ करना पड़ा,।
टीम को ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में 4 घंटे से अधिक का समय लगा |
वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ मौ ने कहा, “यह ट्यूमर एक अच्छी तरह से विभेदित लिपोसारकोमा (कैंसर का प्रकार) था और हमारी जानकारी के लिए यह अब तक यह स्थान निकाला गया यह सबसे बड़ा लिपोसारकोमा है।
एन एच एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के बारे में:
एनएच एमएमआई नारायणा सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर अगस्त 2011 में तब अस्तित्व में आया जब पहले से स्थापित 56 बेड हॉस्पिटल को अत्याधुनिक उपकरण, सुविधओं, नवीनतम ऑपरेशन थिएटर और चिकित्सकीय कौशल से संयुक्त 157 बेड क्षमता वाले हॉस्पिटल में रूपान्तरित किया गया।
आज यह हॉस्पिटल 250 बेड की क्षमता के साथ मध्यभारत का अग्रणी चिकित्सकीय संस्थान बन गया है जो हृदयरोग, मष्तिस्क विज्ञान, गुर्दारोग और हड्डीरोग जैसे क्षेत्रों में विस्तृत एवं उत्कृष्ट सेवाएं दे रहा है।
हॉस्पिटल का लगभग 1.26 लाख वर्ग फुट इमारती क्षेत्र 3 एकड के परिसर में फैला है। रायपुर शहर के सबसे शांत इलाके में बसा यह हॉस्पिटल मरीजों शीघ्र स्वस्थ्यलाभ के लिए सबसे उपयुक्त जगह है।
नारायणा हेल्थ के बारे में:
चिकित्सा जगत की सारी स्पेशलिटीस के साथ नारायणा हेल्थ भारत का एक जाना-माना नाम बन गया है। सन 2000 में बैंगलोर में 225 बेड क्षमता के पहले हॉस्पिटल के बाद निरंतर प्रगति करते हुए यह संस्थान देश भर में 22 अस्पताल, 7 हार्ट सेंटर और Cayman द्वीप (ब्रिटिश क्षेत्र) में हेल्थ सिटी के साथ एक विस्तृत नेटवर्क के रूप में उभरा है जिसकी कुल बेड क्षमता 7,300 से ज्यादा है।
अधिक जानकारी के लिए: www.narayanahealth.org
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