कोषालय अधिकारी ने संचालक से कहा – जुलाई 2018 की तरह बिना प्रान शिफ्टिंग के वेतन भुगतान की दे दें अनुमति…. शिक्षाकर्मियों ने कहा – हमें कोई दिक्कत नहीं, समय पर वेतन भुगतान ही हमारी पहली प्राथमिकता

रायपुर 16 अक्टूबर 2020। प्रदेश में 1 नवंबर को 16 हजार से अधिक शिक्षाकर्मियों का संविलियन होना है पूरे संविलियन प्रक्रिया को निपटाना और 1 दिसंबर से पहले शिक्षा कर्मियों को वेतन भुगतान करना जिला अधिकारियों के लिए चुनौती होती है और पिछले बार जनवरी 2020 में बहुत से शिक्षाकर्मियों को 4 माह बाद भी वेतन नहीं मिल पाया था इस स्थिति को भांपते हुए संविलियन अधिकार मंच के द्वारा पूरे प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों और मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा रहा है और सिस्टम को सुधारने की मांग की जा रही है इसके लिए उनकी तरफ से कुछ सुझाव भी दिए गए हैं यही नहीं संचालक लोक शिक्षण संचालनालय से भी उन्होंने निवेदन किया है ।

इधर समय पर वेतन भुगतान का दबाव बढ़ता देख अधिकारी भी वेतन भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने में जुट गए हैं और अब अंबिकापुर के कोषालय अधिकारी ने कोष लेखा एवं पेंशन के संचालक को पत्र लिखकर जुलाई 2018 की तरह वेतन भुगतान की मांग रखी है, उस समय प्रान शिफ्टिंग के बिना ही वेतन भुगतान कर दिया गया था और बाद में उस प्रक्रिया को पूर्ण किया गया था इस बार भी वही मांग रखी गई है ।

प्रान शिफ्टिंग लेट होने से कोई दिक्कत नहीं , समय पर वेतन भुगतान हमारी प्राथमिकता – विवेक दुबे

प्रान शिफ्टिंग एक प्रक्रिया है जिसमें थोड़ा समय लगता है क्योंकि इसमें अंशदायी पेंशन योजना की राशि जाती है जो हमें तत्काल मिलता नहीं है और यह पेंशन की राशि है इसलिए यदि यह प्रक्रिया लेट से होती है तो भी हमें कोई दिक्कत नहीं है । शिक्षाकर्मियों को नवंबर माह के अंतिम दिन या दिसंबर माह के प्रथम तारीख को वेतन मिल जाए यह हमारी प्राथमिकता है अतः ऐसी कोई भी प्रक्रिया होती है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है समस्त शिक्षाकर्मियों को समय पर वेतन मिल जाए हमारी यही मांग है । जनवरी 2020 में प्रान शिफ्टिंग के चलते ही देरी हुई थी , हमने इसीलिए कई सुझाव नोडल अधिकारियों को सौंपे हैं ताकि समय पर वेतन भुगतान हो सके

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