पति के हार्ट अटैक पर दौड़ी चली आई 11 साल पहले तलाक ले चुकी पत्नी- Viral हुई कहानी

Viral Marriage
Vinay Pooja Marriage Viral Story: गाजियाबाद के विनय जायसवाल और पूजा चौहान की कहानी किसी फ़िल्मी किरदार सरीखी लगती है. साल 2012 में एक दूसरे के साथ शादी के बंधन में बंधे विनय और पूजा का रिश्ता ज्यादा दूर तक नहीं चल पाया. एक साल के बाद शुरू हुई दोनों की अनबन तलाक तक जा पहुंची.
अलबत्ता 2018 में दोनों अलग हो गए. पूजा पटना जाकर रहने लगीं अगस्त 2023 में विनय को हार्ट अटैक पड़ा. इसकी खबर सुनकर पूजा खुद को रोक नहीं पायी और विनय से मिलने गाजियाबाद पहुंच गईं. इसके बाद दोनों की वापस जुड़ी भावनाओं ने उन्हें फिर से दाम्पत्य बंधन में कैसे बांधा विनय जायसवाल की जुबानी पढ़िए....
11 साल बाद फिर से एक साथ
हम कई बार ऐसा सोचते हैं कि काश हम समय में पीछे लौट पाते और बिगड़ी बातों को फिर से बना पाते. हम ऐसा सोचते ज़रूर हैं लेकिन ऐसा हो नहीं पाता क्योंकि बहुत से अगर - मगर और किन्तु - परन्तु के सवाल ऐसे होते हैं जो हमारी समय के साथ पुरानी पड़ चुकी बिगड़ी बातों को भी सही करने में सबसे बड़ी रूकावट का काम करते हैं. इन सभी अगर - मगर और किन्तु - परन्तु के सवालों को पीछे धकेलते हुए, हमने एक दूसरे से अलग होने के 11 साल बाद फिर से एक होने का निश्चय किया और परिवारजनों की उपस्थिति में एक पारिवारिक आयोजन के दौरान विधिवत विवाह संस्कार और विवाह रजिस्ट्रेशन के साथ तलाक की डिक्री को शून्य कर दिया. हम दोनों एक दूसरे के साथ हैं.
हम दोनों ने विवाह दिसम्बर, 2012 में किया था और आपसी सहमति से हमारे बीच 2018 में तलाक हुआ था. तलाक की डिक्री के दिन हमने साथ में बेहद ही सौहार्द वातावरण में डिनर किया था और एक दूसरे को अलविदा कहा था.
इतने सालों के दौरान संवाद टूट गया था, शायद दिल के तार नहीं. इसलिए जब हार्ट अटैक हुआ तो वह भागी चली आई और ओपन हार्ट सर्जरी के बाद सीसीयू से लेकर घर तक पूरी रिकवरी के दौरान साथ निभाया. मेरे हार्ट अटैक ने हम दोनों के दिलों बीच जमी दूरियों की बर्फ को पिघलाने का काम किया और हम फिर से एक हो गए...
इस बेहद शुभ मौके पर, हम अपने सभी प्रिय, खास और बेहद अजीज साथियों, सम्बन्धियों, सहयोगियों, करीबियों और शुभचिन्तकों के सानिध्य से वंचित रह गए. निश्चित ही इस खास मौके पर आप सभी की बेहद कमी खली. मुझे मालूम है कि आप सभी का आशीर्वाद, स्नेह, प्यार और शुभकामनायें हमारे साथ हैं और हमेशा हमारे साथ रहेंगी.
हम आपके सानिध्य और आशीर्वाद के आकांक्षी हैं और आपकी सुविधानुसार आप हमारे आवास पर सादर आमंत्रित हैं. आपसे मिलने और आपसे आशीर्वाद लेने का यह सिलसिला चलता रहे और आप सभी का सानिध्य और प्यार बना रहे.
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