CM योगी की पुलिस पूर्णिया से उठा ले गई मौलाना अब्दुल्ला सलीम को, मुख्यमंत्री की मां पर की थी टिप्पणी
Purnia News : बिहार में मौलाना अब्दुल्ला सलीम को कुछ लोगों अपने साथ ले गया। पूर्णिया के स्थानीय लोगों को लगा कि मौलाना का अपहरण हो गया है। फिर कुछ घंटों बाद पता चला कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

Maulana Abdullah Saleem and CM Yogi News : उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बिहार के पूर्णिया से चर्चित इस्लामिक उपदेशक मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी कासमी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार शाम अमौर थाना क्षेत्र अंतर्गत दलमालपुर गांव में की गई है। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर ले जाया गया। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। सबको लगा कि मौलाना का अपहरण किया गया है।
बताया जा रहा कि सोशल मीडिया पर मौलाना का वीडियो वायरल हुआ था। उसमें उन्होंने धार्मिक सभा में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां और गौ माता (गाय) के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
ग्रामीणों को लगा किडनैप हुए मौलाना
दलमालपुर गांव में सादे लिबास में कुछ हथियारबंद लोग पहुंचे और मौलाना अब्दुल्ला सलीम को गाड़ी में बिठा लिए। स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की तत्काल जानकारी नहीं थी, इसलिए ग्रामीणों और परिजनों को लगा कि मौलाना का अपहरण किया गया है। इससे इलाके में तनाव फैल गया। स्थिति तब स्पष्ट हुई, जब AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष एवं अमौर विधायक अख्तरुल ईमान ने स्थानीय थाने में संपर्क किया। फिर पुष्टि की कि यह कार्रवाई यूपी एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने की।
अदालत से न्याय मिलने का दावा
मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी कासमी की गिरफ्तारी पर अख्तरुल ईमान ने कहा कि मौलाना की गिरफ्तारी से न केवल सीमांचल में, बल्कि पूरे देश में बेचैनी फैली है। उनकी गिरफ्तारी मेरे विधानसभा क्षेत्र में हुई है। अज्ञात लोग आए और मौलाना को साथ ले गए। मेरा मानना है कि मौलाना की गलती नहीं है। उन्हें अदालतों से न्याय मिलेगा।
अख्तरुल ईमान साहब ने मौलाना साहब के भाई से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि इंशाअल्लाह हर संभव मदद की जाएगी।
— Md Nazmul Hoda (@Nazmulhoda01) March 30, 2026
हमें पूरी उम्मीद है कि मौलाना साहब को अदालत से इंसाफ मिलेगा। :- @AkhtarulImanMLA#AkhtarulIman #maulana #Abdullah pic.twitter.com/KJ4EXPACdm
क्यों हुई यह गिरफ्तारी?
इस विवाद की जड़ एक वीडियो है, जो इस महीने की शुरुआत में वायरल हुआ था। आरोप है कि बिहार में धार्मिक सभा में उत्तर प्रदेश के गो हत्या विरोधी कानून का विरोध करते हुए मौलाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ बेहद अपमानजनक और भड़काऊ शब्दों का इस्तेमाल किया। यह वीडियो वायरल हुआ तो यूपी के कई जिलों में आक्रोश फैल गया। हिंदू संगठनों ने मौलाना पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
यूपी के 84 थानों में एफआईआर दर्ज
मौलाना के एक बयान ने उनके लिए मुश्किलों का पहाड़ ला दिया है। लखनऊ, बलरामपुर और कानपुर समेत यूपी के विभिन्न जिलों में मौलाना के खिलाफ 84 से ज्यादा एफआईआर और 120 से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। बता दें, मौलाना अब्दुल्ला सालिम का प्रोफाइल दिलचस्प है। उन्होंने दारूल उलूम देवबंद से शिक्षा ली है। संस्कृत व्याकरण के साथ चारों वेदों का अध्ययन किया है। इस कारण उनके नाम के साथ चतुर्वेदी जुड़ा है। वे अपनी तकरीरों में कुरान के साथ गीता-रामायण का भी जिक्र करते हैं। राजनीतिक तौर पर वे पहले AIMIM में थे। हाल में वे प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से जुड़े थे। जोकीहाट से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
