Begin typing your search above and press return to search.

India–US Trade Deal Analysis: भारत–अमेरिका ट्रेड डील एनालिसिस, टैरिफ कट के बाद 'किसानों का हित' कितना सुरक्षित?

India–US Trade Deal Analysis: टैरिफ 50 परसेंट से घटकर 18 परसेंट हुआ. भारत सरकार का दावा किसी सेक्टर से समझौता नहीं हुआ. रूस से तेल, 'बाय अमेरिकन' और मेक इन इंडिया पर असर का एनालिसिस पढ़ें.

India–US Trade Deal Analysis: भारत–अमेरिका ट्रेड डील एनालिसिस, टैरिफ कट के बाद किसानों का हित कितना सुरक्षित?
X
By Ragib Asim

नई दिल्ली 4 फरवरी 2026: आख़िरकार सोमवार, 2 फरवरी को भारत और अमेरिका ने एक नए व्यापार समझौते (ट्रेड डील) की घोषणा कर दी है। हाल के महीनों में दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्ख़ी के बीच यह एलान रिश्तों में सुधार की उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल समझौते की शर्तों, दायरे और समयसीमा को लेकर है जो अभी तक पब्लिक नहीं की गई है। भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार शाम मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर बातचीत अंतिम चरण में है।

दूसरी ओर बड़बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने निजी सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर इस डील को लेकर कई बड़े-बड़े दावे कर दिए हैं, वही भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भारत सरकार की ओर से उन ट्रम्प के दावों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसी वजह से इस तथाकथित 'फादर ऑफ़ आल डील' को लेकर कई सवाल जस के तस अब भी बने हुए हैं।

क्या भारत रुसी क्रूड ख़रीदना बंद करेगा?

राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि भारत रूस से तेल ख़रीद पर रोक साथ ही अमेरिका से तेल की ख़रीद बढ़ाने पर सहमत हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत वेनेज़ुएला से तेल ख़रीद सकता है।

हालांकि भारतीय पक्ष ने इन बयानों की न तो पुष्टि की है और न ही आधिकारिक खंडन किया है। जानकारों का कहना है कि अब तक भारत का रुख़ यही रहा है कि ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े फ़ैसले वह अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर करता है। ऐसे में अगर ट्रंप का दावा सही साबित होता है तो यह भारत की अब तक की घोषित नीति से एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।

पूर्व राजनयिक मोहन कुमार के मुताबिक़ जब तक समझौते का पूरा दस्तावेज़ सामने नहीं आता तब तक यह तय करना मुश्किल है कि वास्तव में क्या सहमति बनी है। उनका यह भी कहना है कि हाल के समय में भारत ने रूसी तेल की ख़रीद पहले ही कुछ हद तक कम की है। किसानो का हित कितना

क्या भारत 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद ख़रीदेगा?

ट्रंप का एक और बड़ा दावा यह है कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा, तकनीक और कृषि उत्पाद ख़रीदेगा। मौजूदा आंकड़ों को देखें तो भारत का अमेरिका से कुल सालाना आयात अभी 50 अरब डॉलर से भी कम है। ऐसे में इस स्तर तक पहुंचना एक लंबी लॉन्ग टर्म प्रोसेस माना जा रहा है।

एग्रीकल्चर को लेकर चिंता इसलिए भी गहरी है क्योंकि भारत लगातार कहता रहा है कि किसानों और खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कृषि और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता बढ़ती है तो इसका असर देश की आत्मनिर्भरता पर पड़ सकता है।

हालांकि पीयूष गोयल का कहना है कि डील में कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को प्रोटेक्ट किया गया है और अंतिम सहमति बनने के बाद फुल डिटेल सार्वजनिक किया जाएगा।

क्या भारत अमेरिकी उत्पादों पर शून्य टैरिफ कर देगा?

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर सभी तरह के टैरिफ शून्य कर देगा। भारत पारंपरिक रूप से कृषि, जीएम खाद्य उत्पादों और दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी आयात को लेकर सतर्क रहा है। इसलिए इस दावे को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक़ असली सवाल यह है कि टैरिफ किन उत्पादों पर कितनी अवधि में और किन शर्तों के साथ घटेंगे। जब तक समझौते का फाइन प्रिंट सामने नहीं आता तब तक एमएसएमई और घरेलू उद्योग पर इसके असर का आकलन करना संभव नहीं है।

आगे क्या तस्वीर बनती है?

भले ही इस ट्रेड डील से जुड़े कई सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं लेकिन जानकार इसे एक अहम भू-राजनीतिक क़दम मानते हैं। ख़ासकर इसलिए क्योंकि यह समझौता यूरोपीय संघ के साथ भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तुरंत बाद सामने आया है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भारत सरकार कब इस समझौते की पूरी शर्तें सार्वजनिक करती है। तभी साफ़ हो पाएगा कि यह डील भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए कितनी लाभकारी साबित होती है।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

Read MoreRead Less

Next Story