आज या कल? कब मकर संक्रांति मनाना रहेगा उचित, राशि के अनुसार करें दान…. पूजा विधि और अन्य जानकारी यहां देखें

रायपुर 14 जनवरी 2019। साल 2020 में ‘मकर संक्रांति’ का पर्व 15 तारीख को मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति हिंदू समुदाय के बड़े त्योहारों में से एक है। साल 2020 में मकर संक्रांति पर एक ऐसा योग बन रहा है, जो दो राशियों के लिए बेहद शुभ है और ज्योतिषियों ने शुभ फल पाने के लिए एक विशेष उपाय बताया है। साल 2020 में मकर संक्रांति पर एक ऐसा योग बन रहा है, जो दो राशियों के लिए बेहद शुभ है और ज्योतिषियों ने शुभ फल पाने के लिए एक विशेष उपाय बताया है।

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15 जनवरी को सुबह सात बजकर 19 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक का समय ध्यान, पूजा-पाठ, स्नान व दान के लिए श्रेष्ठ रहेगा। ऐसी मान्यता है कि इस पर्व पर किया गया दान सौ गुना बढ़कर प्राप्त होता है। इसी कारण इस पर्व पर दान करने का विशेष महत्व है।

कर संक्रांति बुधवार 15 जनवरी को मनाई जाएगी। मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त 15 जनवरी संक्रांति काल 07:19 बजे, पुण्यकाल-07:19 से 12:31 बजे तक, महापुण्य काल- 07:19 से 09: 03 बजे तक, संक्रांति स्नान- सुबह से, 15 जनवरी 2020 को होगा।

मकर संक्रांति के दिन सूर्य को ऐसे दें अर्घ्य…

इस दिन प्रातः उगते हुए सूर्य को तांबे के लोटे के जल में कुंकुम, अक्षत, तिल तथा लाल रंग के फूल डालकर अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ॐ घृणिं सूर्य: आदित्य मंत्र का जप करते रहें।

क्यों खास है मकर संक्रांति?

मकर संक्राति एक ऐसा त्योहार है जिस दिन किए गए काम अनंत गुणा फल देते हैं। संक्राति के दिन सूर्य वरदान बनकर चमकते हैं। मान्यता है कि संक्राति के दिन शुभ मूहूर्त में नदियों का पानी अमृत में बदल जाता है। संक्राति के दिन किया गया दान लक्ष्मी की कृपा बनकर बरसता है। मकर संक्रांति को दान, पुण्य और देवताओं का दिन कहा जाता है. ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्नान और दान से तमाम जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

मकर संक्रांति पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप…

मेष: मंत्र- ऊं रवये नम:।वृषभ: मंत्र- ऊं मित्राय नम:।मिथुन: मंत्र- ऊं खगाय नम:।कर्क: मंत्र- जय भद्राय नम:।सिंह: मंत्र- ऊं भास्कराय नम:।कन्या : मंत्र- ऊं भानवे नम:।तुला: मंत्र- ऊं पुष्णे नम:।वृश्चिक: मंत्र- ऊं सूर्याय नम:।धनु: मंत्र- ऊं आदित्याय नम:।मकर: मंत्र- ऊं मरीचये नम:।कुम्भ: मंत्र- ऊं सवित्रे नम:।मीन: मंत्र- ऊं अर्काय नम:।

अपनी राशि के अनुसार इन वस्तुओं का करें दान
मेष – गुड़ और लाल मसूर दान करें।
वृष- सतनजा (सात अनाज ) और कम्बल दान करें
मिथुन- काला कंबल दान करें।
कर्क- साबुत उड़द दान करें। र्
सिंह- लाल मसूर और ऊनी वस्त्र दान करें।
कन्या -चने की दाल और कंबल दान करें।
तुला – काला कंबल दान करें  ’
वृश्चिक- सतनजा (सात अनाज) दान करें।
धनु – गुड़ और साबुत उड़द दान करें।
मकर- साबुत उड़द और चावल का मिश्रण दान करें।
कुम्भ – काला कंबल और सरसों का तेल दान करें।
मीन-  साबुत उड़द दान करें।

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