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रुझानों में TMC का दोहरा शतक: ममता की अब भी मुसीबत बरकरार… बाबुल सुप्रियो, लॉकेट चटर्जी और स्वप्न दासगुप्ता भी चल रहे पीछे… क्या नंदीग्राम में मिलेगा धोखा?

नईदिल्ली 2 मई 2021. पश्चिम बंगाल चुनाव का रिजल्ट रविवार को निकलने शुरू हो गए हैं. शुरुआती रूझानों में टीएमसी को बहुमत मिलता दिख रहा है तो बीजेपी भी सौ सीटों के पार जा चुकी है. पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नजर हॉटसीट नंदीग्राम पर देखने को मिल रही है. हर कोई नंदीग्राम सीट के रिजल्ट को जानने को बेताब है. 4 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश में मार्च और अप्रैल के महीने में हुए विधानसभा चुनाव के परिणाम आज आने वाले हैं. वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है. दोपहर तक तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी कि अगले पांच साल के लिए पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल व पुडुचेरी में किस पार्टी का शासन होगा.

नंदीग्राम सीट से टीएमसी सुप्रीमो और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी चुनावी मैदान में हैं. दूसरी तरफ उनसे बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी मुकाबला कर रहे हैं. एक दौर था जब शुभेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी का सेनापति कहा जाता था. आज वही शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी को चैलेंज कर रहे हैं. जबकि, लेफ्ट की प्रत्याशी मीनाक्षी मुखर्जी भी मैदान में हैं. साल 2016 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम की सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं. इस बार उन्होंने ममता बनर्जी को 50,000 से ज्यादा वोटों से हराने का दावा किया था.

बंगाल के चुनावों में टीएमसी बड़ी जीत की ओर बढ़ चली है. रुझानों में टीएमसी की 200 से ज्यादा सीटें हो गई हैं, जबकि बीजेपी 90 से नीचे सिमटती दिख रही है.

यही नहीं बीजेपी के भी कई दिग्गज चेहरे पीछे चल रहे हैं। चुनाव में भगवा दल की हवा बनाने के लिए उतरे राज्यसभा सांसद रहे स्वप्न दासगुप्ता तारकेश्वर सीट से पिछड़ते दिख रहे हैं। शुरुआती रुझानों में तारकेश्वर सीट से स्वपन दासगुप्ता 3 हजार से ज्यादा वोटों से पिछड़ते दिख रहे हैं। तारकेश्वर सीट पर स्वपन दासगुप्ता की लड़ाई तृणमूल कांग्रेस के रामेंदु सिंहाराय से है। तारकेश्वर विधानसभा सीट साउथ-वेस्ट बंगाल रीजन के हूगली जिले का हिस्सा है। उनके अलावा एक्ट्रेस से नेता बनीं लॉकेट चटर्जी भी पीछे चल रही है। नंदीग्राम की तरह ही पश्चिम बंगाल चुनाव मेंं टॉलीगंज सीट भी काफी अहम है। इस विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो पीछे चल रहे हैं। शुरुआती दौर में वह आगे चल रहे थे, लेकिन फिलहाल वह पिछड़ रहे हैं।

चुनचुरा विधानसभा सीट से भाजपा के लिए अच्छी खबर नहीं आ रही है। बीजेपी कैंडिडेट लॉकेट चटर्जी शुरुआती रुझानों में पिछड़ती हुई दिखाई दे रही हैं। इस सीट पर  उनका मुकाबला टीएमसी के वर्तमान विधायक असित मजूमदार से है। उनके अलावा केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो भी पीछे चल रहे हैं। बाबुल सुप्रियो टॉलीगंज सीट से चुनावी समर में उतरे हैं। इस सीट पर टीएमसी के अरूप बिस्वास उनके मुकाबले आगे चल रहे हैं। अरूप बिस्वास सुप्रियो के मुकाबले फिलहाल 9,000 से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं।

टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने करियर में महज एक बार कोई चुनाव हारी हैं. भवानीपुर विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुकीं ममता बनर्जी ने इस बार के चुनाव में नंदीग्राम का रूख किया है. ममता बनर्जी को साल 1989 के लोकसभा चुनाव में जादवपुर सीट से माकपा की पूर्व सांसद प्रोफेसर मालिनी भट्टाचार्य हरा चुकी हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि ममता बनर्जी ने साल 1984 में दिग्गज नेता सोमनाथ चटर्जी को हराकर लोकसभा में प्रवेश किया था. उसके बाद लगातार वो राजनीति में नए मुकाम गढ़ती रही हैं. इस बार नंदीग्राम में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी और बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी के बीच चुनावी के साथ प्रतिष्ठा की लड़ाई भी है.

केरल विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती जारी है। फिलहाल, केरल की सभी 140 सीटों के रुझान आ चुके हैं। रुझानों में एलडीएफ को बहुमत मिल गया है। केरल में एलडीएफ गठबंधन 90 सीटों पर आगे चल रहा है, वहीं यूडीएफ की 45 सीटों पर बढ़त है। अन्य के खाते में 2 सीट जाती दिख रही है। यहां भाजपा 3 सीटों पर आगे है।

वोटों की गिनती के बीच असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि असम में रुझानों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है, हम निश्चित ही फिर से सत्ता में आएंगे। बता दें कि असम में भाजपा 83 सीटों पर लीड करती दिख रही है, वहीं कांग्रेस 43 सीटों पर आगे चल रही है।

 

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