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ये शिक्षिका 5 साल में सिर्फ 38 दिन ही गयी स्कूल, लेकिन पूरे 62 महीने उठायी सैलरी……बर्खास्तगी के बाद भी करती रही नौकरी….मामला उजागर होने पर मचा हड़कंप

रामपुर 28 फरवरी 2021। शिक्षा विभाग का एक अजब अनूठा मामला सामने आया है। एक शिक्षिका ने सवा पांच साल में सिर्फ 38 दिन ही ड्यूटी की, लेकिन सवा 5 साल यानि पूरे 62 महीने की नौकरी में पूरे महीने के वेतन उठाये। अब मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। मामला उत्तर प्रदेश के रामपुर का है।

अक्सर हमने बच्चों को देखा है कि उनका स्कूल जाने का मन नहीं होता या वो बहुत ज्यादा छुट्टी मार लेते हैं लेकिन हैरानी तब होती है जब ऐसा शौक किसी अध्यापक में आ जाये और 5 साल यानी 62 महीने में वो सिर्फ 38 दिन ही स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाए लेकिन पैसा पूरे 62 महीने का ले.

रामपुर में 62 महीने से तैनात रही गैर हाजिर प्रीति यादव ने सरकार से वेतन तो पूरा लिया लेकिन इस अवधि में सिर्फ 38 दिन ही स्कूल में हाज़िर हुई. बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की फ़ौज इनके खिलाफ खूब लिखा-पढ़ी करती रही, कागजी घोड़े दौड़ाती रही लेकिन इस गैर हाजिर शिक्षिका का बिगाड़ कुछ भी न पाई. प्रीति यादव के खिलाफ टर्मिनेशन आदेश भी लिखा जा चुका है लेकिन अभी भी वो उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में नौकरी कर रही है.

जब कुम्हारिया के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षामित्र एजाज हुसैन से बात की तो बताया प्रीति यादव ने जुलाई 2011 में यहां जॉइन किया और 2016 में उनका यहां से ट्रांसफर हुआ. इस दौरान वो सिर्फ 36 या 37 दिन उपस्थित रही. कभी तो वो चाइल्ड केअर लीव ले लेती तो कभी सीएल. मैडम के पत‍ि उनके साथ यहां आते और बीएसए से बात करवाकर मैडम को जॉइन करवा देते. अगर मैडम को जॉइन नहीं कराते तो उनके पति स्टाफ पर दबाव बनाते. जब मैडम का ट्रांसफर लखनऊ हुआ तो उनके पति यहां आए और पूरा रिकॉर्ड लेकर यहां से चले गए. सरकारी अधिकारियों ने भी उनकी उपस्थिति रजिस्टर का रिकॉर्ड मांगा, वो भी हमने उनको दे दिया.

सहायक अध्यापक प्रीति यादव यहां 2005 से नियुक्त है और उस वक्त प्रधानाध्यापक प्रीति पर एक्शन लेती तो उन पर दबाव बनाया जाता कि पॉवरफुल शख्स से डायरेक्ट फोन करा देंगे. फिर मजबूरी में उनको जॉइन करवाना पड़ता. प्रीति कभी एक या दो घंटे के लिए आती और चली जाती.

जब बेसिक शिक्षा अधिकारी ऎश्वर्या लक्ष्मी से इस मामले के बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि प्रीति यादव टीचर थी जिनकीी 15 जुलाई 2011 को कुम्हारिया कला में जॉइनिंग हुई. जॉइन करने के दो तीन दिन बाद से ये अनुपस्थित हो गयी या कभी बीच में एक दो दिन आती और फिर एक दो महीने अनुपस्थित रहती. लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के सम्बंध में खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा भी बार-बार लिखा गया कि ये अनुपस्थित रह रही हैं, इनका वेतन रोका जाए. बैंक स्टेटमेंट देखने के बाद पता लगा कि इनकी सैलरी विड्रॉल हो रही है. लगभग 11 से 12 महीने सैलरी को इन्होंने निकाला है. बीच मे इन्होंने सीसीएल भी ली थी और तत्कालीन बीएसए थे उन्होंंने भी इनकी सेवा समाप्ति के लिए लिखा था. जब मामला संज्ञान में आया तब इनका सेवा समाप्ति नोटिस जारी हुआ तो यह अंतर्जनपदीय ट्रांसफर के जरिये बाराबंकी चली गयी. इस मामले में बीएसए बाराबंकी को हमने अवगत कराया है कि इन अध्यापिका द्वारा काफी अनियमितता की गई है तो पहले इनसे वेतन की रिकवरी की जाए . इसके बाद इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए. क्योंकि इन्होंने आपराधिक षड्यंत्र करके सैलरी निकाली है. हमने यहां से बाराबंकी के बीएसए को F.I.R के लिए लिखा है. फिलहाल ये बाराबंकी में तैनात हैं तो F.I.R भी वहींं बाराबंकी मेंं लिखी जायेगी.

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