कैबिनेट बैठक से शिक्षाकर्मियों को यह है उम्मीद …. निराशा की घड़ी में भी आशा की डोर थामे प्रयास में जुटे हुए हैं शिक्षाकर्मी….मुख्यमंत्री पर विश्वास की यह बताई वजह

रायपुर 10 जुलाई 2020। कोरोना ने शिक्षाकर्मियों के 1 जुलाई को होने वाले संविलियन को कुछ समय के लिए टाल अवश्य दिया है लेकिन सरकार और मुख्यमंत्री पर शिक्षाकर्मियों का भरोसा कायम है । मुख्यमंत्री के फेसबुक पोस्ट पर जिस प्रकार हजारों की संख्या में शिक्षाकर्मियों के सकारात्मक कमेंट आए हैं वह यह दर्शाने के लिए पर्याप्त है की संविलियन की घोषणा करके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिक्षाकर्मियों का दिल जीत चुके हैं और शिक्षाकर्मियो को इस बात का पूरा भरोसा है कि 1 जुलाई से ही उनका स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन होगा और जल्द ही इसके लिए आदेश जारी करने को सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलेगी ।

14 जुलाई को सरकार की अहम कैबिनेट बैठक होने जा रही हैं जिसमें शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर भी चर्चा होने की भरपूर संभावना है क्योंकि यह विषय सरकार की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वयं अपने बयान में कहा था की प्रक्रिया में भले विलंब हुआ है लेकिन अन्याय किसी के साथ नहीं होगा ।

नई भर्ती को लेकर जहां बेरोजगार उग्र है और उनके कमेंट में सरकार के प्रति नाराजगी साफ तौर पर झलकती है वहीं इसके ठीक विपरीत शिक्षाकर्मियों के हजारों कमेंट में से एक भी कमेंट आक्रोश वाला दिखाई नहीं देता अब इसे चाहे शिक्षाकर्मी संगठन का मैनेजमेंट कहें या फिर सरकार पर शिक्षाकर्मियों का भरोसा लेकिन सरकार के लिहाज से यह काफी बेहतर है ।

नए शिक्षाकर्मियों के लिए सरकार ने 2 वर्ष में संविलियन की सौगात की घोषणा की है ऐसे में उन्हें इस बात का पूरा यकीन है कि सरकार इसके लिए वित्त की व्यवस्था भी आसानी से जुटा लेगी ।

सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का हो रहा है प्रयास – विवेक दुबे

संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों की अगुवाई कर रहे संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे का कहना है कि

” हम लगातार अलग-अलग माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं इसके लिए सोशल मीडिया ट्विटर और फेसबुक भी सहारा बना है क्योंकि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करना है । इसके अतिरिक्त फोन पर भी हम सरकार से जुड़े लोगों से हमारे विषय में शीघ्र अतिशीघ्र निर्णय लेने का निवेदन कर रहे हैं । संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों को इस बात का पूरा भरोसा है कि जिन्होंने इतनी बड़ी घोषणा हमारे लिए की है वह जरूरी वित्तीय व्यवस्था भी आसानी से बना लेंगे । स्कूल शिक्षा विभाग में 1 जुलाई 2020 से संविलियन हमारा सपना है और 16 हजार शिक्षाकर्मियों के परिवार का यह सपना मुख्यमंत्री टूटने नहीं देंगे इसका हमें अटूट विश्वास है । 14 जुलाई की बैठक से हमें भरपूर उम्मीद है और हम अपने प्रयास में जुटे हुए हैं । मुख्यमंत्री जी ने 25 जनवरी को बस्तर दौरे के दौरान इसी बजट सत्र में संविलियन की बात कही थी और उसे अक्षरस: पूरा किया था यही हमारे लिए उन पर विश्वास की सबसे बड़ी वजह है और इस बार भी ऐसा ही होगा इसकी हमें उम्मीद है “

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