आपातकाल में ये क्रूरता: ख़र्चों से बचने के लिए ट्रक में माल की तरह लादा गया था पचास श्रमिकों को.. माल परिवहन की आड़ में झारखंड भेजने की थी तैयारी.. 

रायगढ़ ,28 मार्च 2020। कोरोना के संक्रमण से बचाव के नियम अनुशासन राष्ट्रीय स्तर पर लागू है, यह स्पष्ट आदेश और व्यवस्था भी है कि श्रमिकों का मसला हो या नागरिकों का उन्हे भोजन समेत आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति होती रहे, लॉकडॉउन है ताकि कोई निकले मत। इन सबके बीच रायगढ़ से आई खबर ने सकते में ला दिया हैं। पुलिस ने ट्रक में माल की शक्ल में पैक पचास मज़दूरों को निकाला है, जिन्हें झारखंड भेजे जाने की क़वायद प्लांट मालिकों के द्वारा की जा रही थी।

पूंजीपथरा ईलाके में यह ट्रक पुलिस ने रात को पकड़ा। प्लांट बंद कर दिए जाने के बाद पचास मज़दूरों को ट्रक में भरकर बाहर से तिरपाल ढक दिया गया, जिससे यह लगे कि माल लदा हुआ है। उन्हें इसी अंदाज में झारखंड भेजे जाने की क़वायद थी।

कप्तान संतोष सिंह ने NPG से कहा

“हाँ हमने रात को पकड़ा है, और मज़दूरों को सुरक्षित और मौजूदा नियमों के अनुरूप रखा है। सरकार के निर्देश हैं कि किसी भी कर्मी का वेतन ना काटा जाए।प्लांट मालिकों को कल ही पास भी दिए गए थे ताकि वे श्रमिकों के खाने आदि की व्यवस्था सुचारु रुप से कर सकें, हम जानकारी ले रहे हैं है कि यह क्यों किया गया.. क्या ख़र्चा बचाने के लिए ऐसी ख़तरनाक हरकत हुई.. हम कड़ी कार्यवाही करने जा रहे हैं”

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