…तो 12वीं की टॉपर श्रेया होती !….सब्जेक्ट मार्क्स में टॉपर टिकेश छठे नंबर पर….लेकिन स्काउट के 10 नंबर ने बदल दी पूरी मेरिट लिस्ट….इस सवाल पर क्या कहा टॉपरों ने….पढ़िये

रायपुर 23 जून 2020। 10वीं-12वीं का बोर्ड रिजल्ट आज एक साथ जारी कर दिया गया। 10वीं और 12वीं दोनों के स्टेट टॉपर मुंगेली से हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए नया इतिहास है। 12वीं में टिकेश वैष्णव और 10वीं प्रज्ञा कश्यप ने बुलंदी पायी है। प्रदेश में अगर 10वीं और 12वीं के टॉप थ्री की लिस्ट देखें तो 10वीं में प्रज्ञा कश्यप 100% मार्क्स के साथ टॉपर रही तो वहीं प्रशंसा राजपूत 99.33 और भारती यादव 98.67 प्रतिशत नंबर के साथ नंबर थ्री रही। वहीं 12वीं में टिकेश वैष्णव 97.80, श्रेया अग्रवाल ने 97.00 और तुन यादव 96.60 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही।

इन सब टॉपरों के बीच अगर 12वीं के टॉपर की बात करें तो टिकेश. श्रेया और तनु में बहुत करीबी अंतर है। टिकेश और श्रिया के बीच जहां कुल अंकों में महज .80 का फासला है, वहीं श्रेया और तुन में .40 का अंतर है। वहीं अंकों की बात करें तो नंबर-1 और नंबर-2 के बीच महज 4 नंबर का अंतर है, वहीं नंबर दो और नंबर-3 के बीच महज 2 नंबर की दूरी है। दिलचस्प ये है कि अगर सब्जेक्ट मार्क्स को देखें तो उस लिहाज से टॉपर टिकेश नहीं बल्कि श्रेया है, जबकि दूसरे नंबर तनु और छठे नंबर पर टिकेश है। दरअसल टिकेश के फुल सब्जेक्ट मार्क्स 479 है…वहीं अगर श्रिया का टोटल 485 और तनु का नंबर 482 है। उसी तरह चौथे नंबर सौरभ साहू को 481, 5वें नंबर पर कमलेश प्रधान को 480 और 6ठे नंबर पहरीसा गुप्ता के 479 नंबर हैं।

बावजूद टिकेश इसलिए टॉपर बने, क्योंकि वो स्काउट कैडेट हैं, उसकी वजह से उन्हें 10 नंबर एक्स्ट्रा दिये गये हैं। अगर वो नंबर नंबर नहीं होते तो 12वीं का पूरा का पूरा मेरिट लिस्ट ही बदल जाता। इस संदर्भ में NPG ने टॉपर टिकेश भी सवाल पूछा….हमने टिकेश से सवाल पूछा था कि …जिसमें उन्होंने कहा कि

“ मैंने स्टेट लेवल स्काउंट को रिपरजेंट किया था, इसलिए मुझे ये अंक मिला और मैं टॉपर बना।

वहीं श्रेया से भी NPG ने सवाल पूछा था कि…स्काउट के नंबर की वजह से आप टॉपर नहीं बन पायी..क्या आपको इसका मलाल है…तो उन्होंने जवाब दिया…

नहीं मैं उस दिशा में नहीं सोचती, जो मिला, अभी उसी पर मेरा फोकस है और मैं इंजीनियरिंग की अब आगे तैयारी करूंगी।

इस मुद्दे पर NPG ने प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि

“राज्य सरकार ने पढ़ाई के साथ-साथ अदर एक्टिविटी के आधार पर भी नंबर दिये जाने का प्रावधान बोर्ड परीक्षा में रखा था, इस बच्चे को स्काउट कैडेट का लाभ मिला है, जिसके लिए उसे 10 नंबर एक्स्ट्रा दिये गये हैं”

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