फिर एक गजराज की हालत गंभीर : गांव में घुसा एक हाथी अचानक जमीन गिरकर तड़पने लगा…सूचना के बावजूद 3 घंटे बाद अफसर पहुंचे मौके पर….अफसरों की लेटलतीफी के बीच हाथी की हालत नाजुक

कोरबा 14 जून 2002। बलरामपुर…सूरजपुर और अब कोरबा से भी गजराज के लिए बुरी खबर आ रही है। चार हाथियों की मौत के बाद कोरबा में भी एक हाथी की हालत बेहद नाजुक है। कमाल की बात ये है कि हाथी के अचेत हो जाने की खबर वन अमले को ग्रामीणों ने घंटों पहले दे दी थी, लेकिन कभी ना सुधरने की तर्ज पर एक बार फिर अफसर घंटों बाद मौके पर पहुंचे। करीब 3 घंटे बाद DFO और SDO मौके पर पहुंचे हैं और हाथी को ले जाने की तैयारी चल रही है।

जानकारी के मुताबिक कोरबा वन मंडल के कुदमुरा वन परिक्षेत्र में ग्राम गुरमा के आश्रित ग्राम कठरा डेरा में दोपहर करीब एक बजे एक हाथी बस्ती में घुस आया। ग्रामीण कुछ समझ पाते इसी बीच हाथी गांव ग्रामीण गजाराम राठिया के बाउंड्रीवाल को तोड़कर घर के आंगन में पहुंच गया। घर के आंगन में हाथी को देख घर के लोगों के बीच भगदड़ मच गया। इसी बीच हाथी कुछ देर बाद ही ग्रामीण के आंगन में अचेत होकर गिर गया और तड़पने लगा।

दोपहर 1 बजे के लगभग हाथी की तबियत बिगड़ने की खबर गांव में फैलते ही गांव के जनप्रतिनिधियों ने डीएफओ गुरूनाथन और एसडीओ को मोबाईल पर घटना की जानकारी देने का प्रयास किया गया। लेकिन दोनों अफसरो का मोबाईल कव्हरेज से बाहर मिला। हाथी के दहशत से सहमे ग्रामीणों ने किसी तरह बीट गार्ड को हाथी कि तबियत बिगड़ने की जानकारी दी। जिसके बाद करीब 3 घंटे बाद डीएफओं और एसडीओं मौके पर पहुंचे है।

वन विभाग के अफसरों के पहुंचने के बाद हाथी को बचाने के लिए रेस्क्यू शुरू किया जा सका है। लेकिन खबर लिखे जाने तक हाथी की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। वही पशु चिकित्सक भी मौके पर नही पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है। वन विभाग के अफसर अपने स्तर पर हाथी को उठाने का प्रयास करते नजर आ रहे है।

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