पूरा छत्तीसगढ़ बैचेन था……और पीसीसी चीफ मांदर पर डोल रहे थे……सियासी बैचेनी से दूर शुक्रवार की तस्वीरें हो रही वायरल…..रात अलीशान रिसॉर्ट में तो दिन मांदर की थाप के बीच गुजरी

रायपुर 28 अगस्त 2021। कहीं चिंता में डूबे कांग्रेसी…तो कहीं नेताओं के दरबार नापते विधायक…कहीं बैचेनी भरी अटकलें…तो कभी सस्पेंस में डूबी सियासत…शाम भले सुकून लेकर आयी, लेकिन कल का दिन कितना भारी था, ये सबने महसूस किया।…सब की टकटकी दिल्ली पर, सभी का ध्यान राहुल-भूपेश पर…लेकिन सस्पेंस में डूबी छत्तीसगढ़ की सियासत से बेखबर कोई एक नेता था..जो मांदर की थाप पर झूम रहा था। वो भी तबस जब लग रहा था कि पल भर में सब कुछ उलट-पुलट ना हो जाये। सियासी सरगर्मी से दूर पीसीसी चीफ मोहन मरकाम की बिंदास तस्वीरें सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है।
तस्वीरों में मोहन मरकाम गर्दन में मांदर टांगे झूमते दिख रहे हैं, ये तस्वीर उस वक्त की है, जब छत्तीसगढ़ की पूरी राजनीति दिल्ली सिमटी हुई थी और एक-एक पल पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई थी। दरअसल शुक्रवार को मोहन मरकाम कोटा के दौरे पर थे, जहां पूरे दिन वो आदिवासी कार्यक्रम और राजनीतिक बैठकों में मौजूद रहे।
हालांकि कल के हालात ऐसे कार्यक्रमों की इजाजत नहीं दे रहे थे, बावजूद मरकाम ने अपने कार्यक्रम में व्यस्त रहे। हालांकि परिस्थिति के मुताबिक पीसीसी चीफ के नाते उन्हें रायपुर आकर हालात पर नजर रखनी थी, कार्यकर्ताओं-नेताओं से लगातार संपर्क करना था तो मरकाम रायपुर से 200 किलोमीटर दूर कोटा में बैठे थे।
यही नहीं खबर तो ये भी आयी कि जिस रात 35 विधायक दिल्ली जा रहे थे, उस रात मोहन मरकाम की शाम छत्तीसगढ़ के अलीशान रिसॉर्ट अचानकमार में गुजरी। सियासी सरगर्मी से बेखबर मोहन मरकाम की तस्वीरों पर अब सोशल मीडिया में खूब चुटकी ले रहे हैं। हालांकि दिन भर की ऊहापोह के बाद जब सब कुछ माहौल शांत हो गया, तो उससे कुछ देर पहले मोहन मरकाम भी कोटा से रायपुर के लिए रवाना हो गये।
हालांकि इससे पहले गुरुवार की देर रात मोहन मरकाम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया के जरिये आया था, जिसमे उन्होंने कहा था कि आलाकमान ने किसी को भी दिल्ली में नहीं बुलाया है, इसलिए कोई भी दिल्ली नहीं जाये, लेकिन उसके बाद कल के पॉलटिकल क्राइसेस को लेकर मरकाम की कोई भूमिका नजर नहीं आयी। हालांकि ये बात भी सही है कि मरकाम की उस अपील का कोई असर ना तो विधायकों पर पड़ा और ना ही नेताओं पर…आलम ये हुआ कि 55 के करीब विधायक दिल्ली पहुंच गये।
