NGO मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर राज्य का रिव्यू ख़ारिज.. हाईकोर्ट ने कहा “आपका रिव्यू पीटिशन ख़ारिज करते हैं.. जनहित याचिका में परिवर्तन सरकार की उपस्थिति में हुआ था.. प्रकरण में CS लेव्हल के अधिकारी समिति सदस्य, इसलिए CBI जाँच होगी”

बिलासपुर,11 फ़रवरी 2020। हाईकोर्ट द्वारा समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित बताए गए NGO को लेकर CBI जाँच के आदेश पर राज्य की ओर से प्रस्तुत रिव्यू याचिका पर सुरक्षित रखा फ़ैसला सार्वजनिक किया है। हाईकोर्ट ने रिव्यू को ख़ारिज कर दिया है।
हाईकोर्ट में जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस पीपी साहू की युगल पीठ की अदालत से जारी आदेश में कोर्ट ने उल्लेख किया है –

“रिट को जनहित याचिका में बदलने को लेकर उल्लेखित आग्रह ख़ारिज किया जाता है,क्योंकि सिंगल बैंच ने जनहित याचिका में परिवर्तन का जबकि आदेश दिया था, वह आदेश सरकार की उपस्थिति में दिया गया था,उस आदेश को कोई चुनौती नहीं दी गई अत: यह आदेश फायनल्टी अटेम माना जाएगा”

राज्य की ओर से इस मसले की जाँच राज्य की ऐजेंसी से कराए जाने के मसले के रिव्यू पीटिशन में मौजूद आग्रह को भी हाईकोर्ट ने ख़ारिज किया और कहा

“कोर्ट ने CS से रिपोर्ट मंगाई थी,चार लोगों को तब शो कॉज दिया गया, गलती स्वीकारी गई पर कार्यवाही नहीं की गई.. इस मामले में CS लेव्हल के बड़े अधिकारी समिति सदस्य हैं इसलिए CBI जाँच जरुरी है”

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