मशहूर वकील हरीश साल्वे ने की दूसरी शादी….देखिये चर्च में शादी के दौरान उनकी नयी दुल्हनिया….शादी से पहले धर्म भी बदला

लंदन/नई दिल्ली 29 अक्टूबर 2020। भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने दूसरी शादी कर ली है। वह 28 अक्टूबर को दूसरे विवाह के बंधन में बंधे। उन्होंने लंदन के एक चर्च में अपनी दोस्त कैरोलिन ब्रॉसर्ड से शादी की है। यह दोनों की दूसरी शादी है। बता दें कि ब्रिटेन में क्वींस काउंसिल हरीश साल्वे (65 साल) ने पिछले महीने ही अपनी पहली पत्नी मीनाक्षी साल्वे को तलाक दिया था, जिसके बाद से वह कानूनी तौर पर उनसे अलग हो गए थे।

साल्वे ने अब कैरोलिन से दूसरी शादी कर ली है। दोनों के पहली शादी से संतानें हैं। 56 साल की कैरोलिन पेशे से कलाकार हैं और उनकी एक बेटी भी है। साल्वे और कैरोलिन एक आर्ट एग्जिबिशन में मुले थे, फिर दोनों में धीरे-धीरे दोस्ती हुई और अब यह दोस्ती विवाह के बंधन में बंध गई है। बता दें कि साल्वे ने धर्म परिवर्तन कर लिया है, उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया है। इसीलिए उन्होंने चर्च में शादी की है।

कैसे मिले हरीश साल्वे और कैरोलिन

रिपोर्ट के मुताबिक हरीश साल्वे बताते हैं कि ‘कैरोलिन एक आर्टिस्ट हैं, मेरी उनसे मुलाकात एक आर्ट इवेंट के दौरान हुई थी. मैं बुरे दौर से गुजर रहा था, वो मेरा सहारा बनीं. हम दोनों के बीच थिएटर और क्लासिकल म्यूजिक को लेकर बातें होती थीं.’ साल्वे ने दो साल पहले ही ईसाई धर्म अपना लिया है, इसलिए ये शादी लंदन के एक चर्च में ईसाई धर्म रीति रिवाज से होगी.

हरीश साल्वे को जानिए

हरीश साल्वे एक मराठी परिवार में पैदा हुए थे. उनके पिता एन के पी साल्वे पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट थे और मां अंबृति साल्वे डॉक्टर थीं. लेकिन हरीश साल्वे ने परिवार से अलग वकील बनने का रास्ता चुना. उन्होंने पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी के नीचे रहकर काम किया.

वकालत में उनका करियर गजब का रहा है. उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल केस लड़े और जीते. इसमें कुलभूषण जाधव, रतन टाटा-सायरस मिस्री विवाद, सलमान खान का हिट एंड रन केस, वोडाफोन का टैक्स विवाद जैसे बड़े मामले शामिल हैं. साल्वे ने पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव का इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में पक्ष रखने के लिए सिर्फ एक रुपये फीस ली थी.

हरीश साल्वे को ब्रिटेन और वेल्स की अदालतों के लिए भी हरीश साल्वे को वहां की महारानी का वकील भी नियुक्त किया जा चुका है. ये पद सिर्फ उन्हीं वकीलों को मिलता है जिन्हें वकालत में विशेष कौशल प्राप्त होता है.

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