मेडिशाईन अस्पताल प्रबंधन की फिर सामने आई लापरवाही .. सरकार के आदेश को ही ठेंगा बताया.. कोविड सेंटर में नियमों की अवहेलना और मरीज़ों को लापरवाह तरीक़े से छोड़ने का मामला

रायपुर,14 सितंबर 2020। मेडिशाईन अस्पताल को लेकर स्वास्थ्य विभाग की भृकुटी तन गई है। शिकायतों के बाद CMHO मीरा बघेल ने पत्र लिखकर आदेशित किया था कि कोविड सेंटर को स्थानांतरित किया जाए लेकिन ना तो पत्र का जवाब आया और ना ही शिकायतों में कमी आई। नतीजतन स्वास्थ्य विभाग ने कड़े तेवर दिखाने के संकेत दिए हैं।
कोविड संक्रमित मरीज़ों के लिए उपचार केंद्र को लेकर केंद्रीय गाईडलाईन मौजुद है, जिसका पालन अनिवार्य है। इस गाईडलाईन में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का होना अनिवार्य नहीं है। वहीं प्रभावित मरीज़ों को स्वच्छंद घूमने पर भी रोके जाने के स्पष्ट निर्देश हैं।
श्री मेडिशाईन अस्पताल को लेकर स्थानीय नागरिकों ने शिकायत की थी कि कोविड संक्रमित मरीज़ों के उपचार में गंभीर लापरवाही और प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो रहा है। जिस पर CMHO मीरा बघेल ने होटल त्रिलोक टावर में चल रहे कोविड सेंटर को हटाए जाने का निर्देश दिया था।
लेकिन लिखित आदेश के बावजूद ना तो निर्देश का पालन हुआ और ना ही शिकायतों में कमी आई। सात सितंबर को पहले पत्र के बाद नौ सितंबर को फिर से पत्र भेज कर कार्यवाही कर कार्यालय को सुचित करने के निर्देश दिए गए। लेकिन पंक्तियों के लिखे जाने तक आदेश का पालन नहीं हुआ।
CMHO मीरा बघेल ने NPG से कहा
“आदेश जारी हैं और क्रियान्वयन पर रिपोर्ट माँगी है.. आज फिर दूरभाष पर निर्देश दिए गए हैं.. हम जनता के स्वास्थ्य के प्रति उत्तरदायी हैं.. यह लापरवाही अक्षम्य है”
संकेत है कि आने वाले दिनों में श्री मेडिशाईन पर गंभीर कार्यवाही की सिफ़ारिश जारी की जा सकती है। विदित हो कि श्री मेडिशाईन संस्थान पर इसके पूर्व भी गंभीर आरोप लगे हैं।जिसे लेकर यह चर्चाएँ हैं कि प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्यवाही से संस्थान बच जाता है।

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