15 अक्टूबर से खुल रहे स्कूल-कॉलेज, श‍िक्षा मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन….इन राज्यों में खुलेंगे स्कूल, इन राज्यों ने बंद रखने का किया ऐलान… छत्तीसगढ़ में क्या होगा ?

नयी दिल्ली 6 अक्टूबर 2020। केंद्र सरकार ने 15 अक्‍टूबर से सभी स्‍कूल खोलने की अनुमति दे दी है। इसके बावजूद, राज्‍य अभी हिचक रहे हैं। कोरोना वारयस महामारी के प्रकोप को देखते हुए पैरेंट्स भी बच्‍चों को फिलहाल बाहर नहीं भेजना चाहते। पंजाब, हरियाणा, उत्‍तर प्रदेश, बिहार, उत्‍तराखंड जैसे राज्‍यों में स्‍कूल खुल जाएंगे। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल खोलने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लियाहै। जल्द ही सरकार इस बारे में निर्णय लेगी।  चूंकि सरकार ऑनलाइन मोड से पढ़ाई को प्राथमिकता दे रही है, कई राज्‍य इस वजह से भी रिस्‍क लेने से बच रहे हैं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने स्‍कूलों के लिए स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। मगर स्‍कूल कब से खोले जाएं, वह तारीख राज्‍य सरकारें तय करेंगी।

राजधानी दिल्‍ली के सभी स्‍कूल 31 अक्‍टूबर तक बंद रहेंगे। इसके अलावा महाराष्‍ट्र, असम, तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश ने भी तब तक स्‍कूल बंद रखने का फैसला किया है। इनमें से कई राज्‍यों में कोरोना संक्रमण की दर अब भी चिंताजनक है, इसलिए स्‍कूल खोलकर वह बेवजह मुसीबत नहीं मोल लेना चाहते। कई राज्‍यों ने पैरेंट्स और स्‍कूलों से फीडबैक भी लिया, जिसमें यही निकला कि स्‍कूल फिलहाल बंद रखे जाने चाहिए।पश्चिम बंगाल सरकार ने साफ किया है कि वह 14 नवंबर से पहले स्‍कूल खोलने पर कोई फैसला नहीं करेगी। मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 14 नवंबर को काली पूजा के बाद स्‍कूल खोलने पर विचार होगा। राज्‍य में 16 मार्च से ही स्‍कूल बंद हैं। इसके अलावा, दिल्‍ली में भी नवंबर में स्‍कूल खुलेंगे या नहीं, यह कोविड की स्थिति पर निर्भर करेगा। यहां पैरेंट्स की राय एकतरफा है कि स्‍कूल नहीं खुलने चाहिए।

बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, असम सहित तमाम राज्यों में 15 अक्टूबर से स्‍कूल खोलने की तैयारी है. इसे लेकर स्‍टैंटर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP पहले ही जारी किया जा चुका है. इसमें कोविड से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताया गया था. अब श‍िक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर गाइडलाइन जारी की है. सरकार ने 15 अक्‍टूबर से स्‍कूल खोलने की अनुमति दी है. यह छूट नॉन-कंटेनमेंट जोन में आने वाले इलाकों के लिए है. राज्यों के लिए ये खुली छूट है कि वो अपने हिसाब से तय करें कि स्‍कूल कब से खोले जाएं, इसी को देखते हुए राज्‍य सरकारों ने अपने राज्य की स्थ‍ित‍ि के हिसाब से फैसला लिया है. श‍िक्षा मंत्रालय के अनुसार स्कूल खोलने का फैसला स्कूल प्रबंधन से बातचीत के बाद लिया जाएगा. इसके अलावा ऑनलाइन / डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. हायर एजुकेशन में सिर्फ रिसर्च स्‍कॉलर्स (Ph.D) और पीजी के वो स्‍टूडेंट्स जिन्‍हे लैब में काम करना पड़ता है, उनके लिए ही संस्‍थान खोले जाएंगे. इसमें भी केंद्र से एफिलेटेड संस्‍थानों में, हेड की सहमति जरूरी होगी.

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