महिला टीचर से छेड़खानी का मामला प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचा…. PMO ने राज्य के चीफ सिकरेट्री से जवाब किया तलब….जानिये क्या है पूरा मामला

पटना 29 नवंबर 2020। राजधानी पटना के गर्दनीबाग के एक स्कूल की शिक्षिका से छेड़खानी मामले में पीएमओ ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। शिक्षिका ने 19 अगस्त को वार्ड पार्षद के पति अविनाश कुमार पर छेड़खानी की प्राथमिकी दर्ज करायी है। इसके अलावा 05 अन्य आरोपितों पर केस दर्ज है। इसके बाद भी आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

शिक्षिका को लगातार धमकी दी जा रही है। इसको लेकर शिक्षिका ने पीएमओ को पत्र लिखा था। पीएमओ ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई की जानकारी मांगी है। शिक्षिका का आरोप है कि वार्ड पार्षद पति स्कूल आने के क्रम में अश्लील फब्तियां कसते हैं।

ये है पूरा मामला

स्कूल की प्रिंसिपल की ओर से गर्दनीबाग थाने में वार्ड पार्षद के पति समेत सुरेश राय, अभिषेक रंजन तथा सफाई निरीक्षक रामबाबू को नामजद करते हुए 5 अन्य अज्ञात आरोपितों के खिलाफ छेड़खानी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया। दर्ज कराई गई एफआईआर में प्रिसिंपल का आरोप है कि वार्ड पार्षद पति अविनाश कुमार मंटू, सुरेश, अभिषेक और वार्ड 14 के सफाई निरीक्षक रामबाबू ने 19 अगस्त को हमारे स्कूल की शिक्षिका पर स्कूल आने के समय अश्लील फब्तियां कसीं। अश्लील इशारे भी किये। जब शिक्षिका ने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने छेड़खानी की और और तरह-तरह की धमकी भी दी। शिक्षिका ने स्कूल में इसकी लिखित शिकायत की है। डीएसपी सचिवालय राजेश कुमार प्रभाकर ने बताया कि आवेदन के आधार पर गर्दनीबाग थाने में सभी आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गर्दनीबाग थाना प्रभारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं।

स्कूल के सामने खुलवा दी दुकान

प्रिंसिपल का यह भी आरोप है कि छेड़खानी की घटना के बाद वार्ड पार्षद पति ने हमारे स्कूल के सामने फास्ट फूड की दुकान खुलवा दिया है। उस दुकान पर लफंगे बैठे रहते हैं। आरोप है कि उसी दुकान पर बैठकर पार्षद पति और उसके दोस्त भी ऑनलाइन क्लास के लिए आने वाली शिक्षिकाओं पर फब्तियां कसते हैं। इधर पुलिस मामला दर्ज होने के बाद घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच कर रही है। उधर, पार्षद पति अविनाश उर्फ मंटू ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि बदनाम करने की साजिशके तहत यह सब किया गया है। पूरा मामला सफाई और जाम को लेकर है।  पुलिस और जिला प्रशासन को इस संबंध में आवेदन दिया गया है। इसी विवाद को बढ़ा-चढ़ा कर स्कूल प्रशासन ने फर्जी केस दर्ज कराया है।

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