चालाकी से वेतन विसंगति का मुद्दा खत्म, शासन से वार्ता नहीं, न ही धरना, रैली हुआ… आखिर केवल सहायक शिक्षकों के किन मुद्दों पर आश्वासन मिला,?

रायपुर 30 अक्टूबर 2020. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि आगे निकलने की गरज ने सहायक शिक्षको के मंसूबे तोड़ दिए,,हालांकि सामान्य प्रदर्शन से बड़े फैसले की उम्मीद किसी को नही थी, किन्तु जैसे गतिविधि संचालित हुई वह शिक्षको के लिए असह्य है।

26 व 27 को संचालक कार्यालय ने चर्चा किया, डीपीआई सूत्रों के अनुसार 27 को ही संचालक से चर्चा में यह तय हुआ कि आपकी मांग को प्रमुख सचिव शिक्षा से पहुचाएंगे लेकिन 28 को आप आंदोलन नही करेंगे, वार्ताकारों ने कहा कि हमारे साथी शिक्षक रवाना हो चुके है, अतः हम उन्हें समझाकर वापस कर लेंगे, और डीपीआई कार्यालय से धरना पूर्व वार्ता हेतु आमंत्रण दिया जावे, बुलावे की इसी शर्त पर 27 को रात्रि में प्रमुख सचिव शिक्षा से फोटो खिंचाया गया।

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क्रमोन्नति से व 2013 के त्रुटिपूर्ण वेतन निर्धारण का रिवाइज एल पी सी द्वारा सुधार होने से केवल सहायक शिक्षकों को नही बल्कि सभी संवर्ग (ब्याख्याता, शिक्षक , सहायक शिक्षक) को लाभ होगा, और इस पर शीघ्र निर्णय सरकार को लेना चाहिए, पर केवल सहायक शिक्षकों को लाभ मिले ऐसे किन मुद्दों व मांगो का पक्ष फेडरेशन ने रखा,? सहायक संचालक स्तर के अधिकारियों ने क्या आश्वासन दिया यह जानने का अधिकार हड़ताल में शामिल सहायक शिक्षकों को है, जिसे स्पष्ट किया जाना चाहिए।

फेडरेशन को केवल समानुपातिक (सहायक शिक्षक के वेतन विसंगति) का मांग व पक्ष रखना था, क्रमोन्नति व रिवाइज एल पी सी की मांग तो अन्य संघ भी कर रहे है, क्योकि यही बोलकर गठन किया गया है।

28 नवम्बर को साथी शिक्षक आते गए, तो धरना स्थल में न धरना और न ही मौन रैली यहाँ तक कोई विशेष संबोधन भी नही, केवल कल वार्ता होगी, यही बात बोलकर शिक्षको को छकाते रहे, माहौल देखकर शिक्षक तो वापस लौट गए।

शिक्षको के कई समूह ने समर्थन भी दिया था व धरना में शामिल होकर समर्थन देने पहुंचे थे, उन्हें समर्थन का संबोधन करने आमंत्रित नहीं किया गया और न ही रजिस्टर संधारित कर समर्थन लिखने की व्यवस्था की। पुलिस अधिकारी पंडाल हटाने बोल रहे है, बोलकर शिक्षको को छकाया गया,,कल संतोषप्रद चर्चा हुआ है,,,डीपीआई से वार्ता हेतु पत्र आया है, यह तो बताते रहे पर संतोषप्रद क्या,,,इस पर पूछने के बाद भी खुलासा नही किया गया न ही आगे की रणनीति तय की गई,,इस नेतृत्व पर सफलता संदिग्ध है।

29 नवम्बर को रंगे सियार का रंग उतर गया, अधिकारियो की नाराजगी का शिकार होना पड़ा, साफ कहा गया, प्रदर्शन नही करेंगे बोले तो 2 बजे तक पंडाल हो क्यो लगाये,,,, इसी कारण संचालक शिक्षा व प्रमुख सचिव ने वार्ता तक नही की और 29 नवम्बर को इनसे चर्चा नही हुई तो उच्चस्तरीय चर्चा कैसे,,? विभाग के संचालक व प्रमुख सचिव से वार्ता नही हुआ तो मुख्यसचिव तक मामला पहुंचेगा ही कैसे,,??

29 की चर्चा में अधिकारियो ने साफ कहा कि वेतन सरंचना जो बना है, उस आधार पर वेतन मिल ही रहा है, फिर वेतन विसंगति की बात ही क्यो?? क्रमोन्नति व रिवाइज एल पी सी की बात पर मांग पत्र लेकर कहा गया कि संचालक को अवगत करा दिया जाएगा।

प्रथम नियुक्ति तिथि के आधार पर क्रमोन्नति व रिवाइज एल पी सी के आधार पर नई ए पी सी जारी करने की मांग एसोसिएशन ने लगातार की है, साथ ही व्याख्याता – शिक्षक के समानुपातिक शिक्षक – सहायक शिक्षको के वेतनमान निर्धारण करने की मांग निरन्तर जारी है।

सहायक शिक्षको के वेतन विसंगति के मुद्दे पर गठित समूह क्रमोन्नति और रिवाइज एल पी सी से वेतन निर्धारण पर आ गया है, इससे अच्छा सहायक शिक्षको को व्याख्याता – शिक्षक के अनुपात में समानुपातिक वेतन निर्धारण की मांग करते तो, निश्चित ही तर्क दे सकते है, क्योकि वेतन विसंगति का तथ्य तो प्रस्तुत ही नही किया गया।

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