खबर का असर :- 24 घंटे के भीतर ही बीईओ कार्यालय को बदलना पड़ा अपना फैसला…. शिक्षकों को आनन-फानन में हुआ एरियर्स राशि के साथ दिसम्बर माह के भी वेतन का भुगतान…. संविलियन अधिकार मंच के लिखित शिकायत के बाद डीपीआई जितेंद्र शुक्ला ने दिया था निर्देश….. वेतन मिलने के बाद शिक्षकों ने कहीं यह बड़ी बात

रायपुर 1 जनवरी 2021। वाड्रफनगर के शिक्षकों के लिए नया साल का आखिरी दिन खास बन गया। शिक्षाकर्मी से शिक्षक बनकर भी शिक्षाकर्मी से कम वेतन पाकर जिन गुरूजी के चेहरे मायूसी से भरे थे, वो चेहरे खाते में पूरी तनख्वाह आते ही खुशियों से खिल उठे। महज 24 घंटे में समीकरण ऐसे बदलें कि जो कार्यालय यह मानने को ही तैयार नहीं थे की अप्रशिक्षित व्याख्याताओं को स्कूल शिक्षा विभाग का बेसिक वेतन दिया जाना है उन्होंने मात्र 5 घंटे के भीतर न केवल एरियर्स के साथ दिसंबर माह का बिल लगाया बल्कि तत्काल उस बिल को पास कराने में भी जुड़ गए।

इसे संविलियन अधिकार मंच की ताकत ही कहेंगे कि आमतौर पर जिस वेतन बिल को पास होकर शिक्षकों के खाते में पहुंचने में कम से कम 5 दिन लगते हैं वह 5 घंटे में ही पहुंच गया और शिक्षकों ने राहत की सांस ली। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरे मुहिम में जिन्होंने शिक्षकों को खुलकर साथ दिया उसके लिए स्वयं शिक्षकों ने वीडियो जारी करके आभार व्यक्त किया । पूरा मामला यह है कि वाड्रफनगर के बीईओ कार्यालय द्वारा 4 व्याख्याताओं को गलत वेतन निर्धारण करते हुए उनके पंचायत विभाग के वेतनमान को ही आधार मानकर वेतन भुगतान कर दिया गया था।

जिसके बाद उन्हें वेतन के रूप में मात्र 14 हजार की राशि प्राप्त हुई थी जो कि पहले प्राप्त होने वाली राशि 16 हजार से भी कम है वास्तव में शिक्षकों को लगभग 40 हजार रुपये वेतन मिलना था , शिक्षकों ने इसकी शिकायत संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे से की थी और उन्होंने भी बात करके बीईओ कार्यालय के शाखा प्रभारी को यह कहा था कि इस संबंध में उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन ले लीजिए उसके बाद ही वेतन भुगतान कीजिए लेकिन बाबू ने उन्हें कह दिया कि हमारे बीईओ ने ऐसा ही वेतन निर्धारण करने को कहा है।

इसके बाद मामला संविलियन अधिकार मंच की लिखित शिकायत के रूप लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक जितेंद्र शुक्ला के पास पहुंचा और इस प्रकार का वेतन निर्धारण देखकर वह भी चौंक गए , उन्होंने तुरंत सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक को पूरे मामले का परीक्षण करके वेतन भुगतान के निर्देश दिए और जिसके बाद महज 24 घंटे के भीतर ही शिक्षकों को सही वेतन भुगतान हो गया, इधर नववर्ष की पूर्व संध्या पर अपना वेतन पाकर शिक्षक फूले नहीं समा रहे थे यह ऐसी घटना है जिसकी कल्पना उन्होंने खुद नहीं की थी कि इतनी जल्दी उनके साथ न्याय हो जाएगा।

इसके बाद शिक्षकों ने खुद वीडियो वायरल करके इस पूरे मामले में सहयोग करने के लिए संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे और लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक जितेंद्र शुक्ला को धन्यवाद दिया है और आभार जताते हुए कहा है कि केवल आप के चलते ही हमारे साथ न्याय हो सका है , इधर संविलयन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक ने डीपीआई जितेंद्र शुक्ला और सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक के कुमार को इसका क्रेडिट दिया है जिन्होंने मामले पर तुरंत कार्रवाई की और शिक्षकों को तत्काल वेतन भुगतान सुनिश्चित हो सका साथ ही न्यूपावरगेम को इस मामले को प्रमुखता से उठाने के लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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