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FIR दर्ज कराने IAS पहुंचा थाने, 4 घंटे करता रहा इंतजार…..FIR में नाम देख पुलिस के उड़ गये होश…. थानेदार ने कहा- अंग्रेजी उन्हें समझ नहीं आती …. थाने में ही धरने पर बैठा अफसर

FIR दर्ज कराने IAS पहुंचा थाने, 4 घंटे करता रहा इंतजार…..FIR में नाम देख पुलिस के उड़ गये होश…. थानेदार ने कहा- अंग्रेजी उन्हें समझ नहीं आती …. थाने में ही धरने पर बैठा अफसर
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By NPG News

पटना 17 जुलाई 2021। IAS अफसर की FIR चार घंटे बाद भी पुलिस दर्ज नहीं कर सकी। नाराज IAS अफसर थाना में ही धरने पर बैठ गया। मामला पटना का है, जहां पूर्व गृह सचिव व BSSC घोटाले के आरोपी IAS सुधीर कुमार आज सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ ही FIR दर्ज कराने का आवेदन दे दिया। FIR आवेदन में मुख्यमंत्री का नाम देखकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गये। इधर आईएएस अफसर एफआईआर दर्ज कराने पर पटना के गर्दनीबाग एससी-एसटी थाने में अड़ गये।

सुधीर कुमार का कहना है कि उन्होंने नीचे से लेकर ऊपर तक के लोगों के खिलाफ आवेदन दिया है. जालसाजी, झूठे कागजात बनाने और जाली एविडेंस जैसे मामले हैं. प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर सुधीर कुमार थाने में ही बैठ गए. उनका कहना था कि उन्‍होंने आवेदन दिया है और जबतक रिसिविंग नहीं मिलेगी वह नहीं जाएंगे. उन्‍होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही वे बताएंगे कि किन-किन पर प्राथमिकी की गई है.

हालांकि कई बार सवाल करने के बाद सुधीर कुमार ने कुछ लोगों के नाम बताए कि उन्होंने किन-किन लोगों के खिलाफ आवेदन दिया है. बाताया जाता है कि आवेदन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डीआईजी मनु महाराज समेत कई लोगों के नाम हैं जिसे देखकर थानेदार के भी होश उड़ गए. हालांकि सुधीर कुमार ने कहा कि वह अभी जबतक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो जाती वह पूरा मामला नहीं बता सकते.

बता दें कि सुधीर कुमार के बीएसएससी अध्यक्ष रहते हुए 2014 में इंटर स्तरीय संयुक्त परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिस मामले में 2017 में इनको निलंबित करते हुए गिरफ्तार किया गया था. इन्हें तीन वर्ष से अधिक की सजा भी हुई थी. सुधीर कुमार 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं. बीएसएससी के अलावा वह गृह विभाग के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.

थानेदार ने कहा- समझ में नहीं आती है अंग्रेजी

सुधार कुमार के अनुसार वह शनिवार को 12 बजे थाना पहुंचे लेकिन शाम के चार बज गए फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई. बताया कि बीते पांच मार्च को वे एफआईआर दर्ज कराने के लिए शास्‍त्रीनगर थाना भी गए थे. वहां भी मुहर मारकर रिसिविंग दे दी गई गई. उस मामले में आज तक कुछ नहीं हुआ. एक सवाल पर कि एफआईआर नहीं लेने के पीछे थानेदार ने क्या वजह बताई इसपर कहा कि थानेदार का कहना है कि उन्‍हें अंग्रेजी समझ नहीं आती.

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