अस्‍पताल ने नहीं दिया एंबुलेंस तो मासूम ने मां की गोद में तोड़ा दम, शव लेकर सड़क पर भटकती रही मां….

 

जहानाबाद 11 अप्रैल 2020 . उचित इलाज के अभाव और पटना जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण शुक्रवार को बुखार और सर्दी से ग्रसित तीन साल के रिशु कुमार की मौत हो गई। रिशु की मौत से जिला के सबसे बड़े अस्पताल में शुमार सदर अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। हद तो तब हो गई जब एक माता-पिता को अपने बेटे का शव अपने घर ले जाने के लिए भी कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं हो पाई। मां बच्चे का शव गोद में लेकर सड़क पर भटकती रही।

मिली जानकारी के अनुसार अरवल जिला अंतर्गत कुर्था थाना के शाहपुर गांव निवासी गिरजेश कुमार पत्‍नी व तीन साल के बीमार बच्‍चे रिशू कुमार को लेकर लॉकडाउन (Lockdown) में किसी तरह जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचे। बच्‍चे काे बीते कुछ दिनों से खांसी-बुखार था। बच्‍चे को इसके पहले स्‍थानीय प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र (PHC) में दिखाया गया था, लेकिन वहां सुधार नहीं होने पर मात-पिता उसे किसी तरह जहानाबाद अस्‍पताल ले गए थे।
अरवल जिले के कुर्था थाना क्षेत्र के लारी शाहपुर निवासी गिरिजेश कुमार ने बताया कि उसके बेटे की तबीयत पिछले दो-तीन दिनों से खराब थी। उसे सर्दी, खांसी और बुखार था। शुक्रवार की सुबह वे अपने बेटे को लेकर कुर्था सरकारी अस्पताल गए थे। वहां से डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। वहां एंबुलेंस की मांग की गई तो वहां भी एम्बुलेंस नहीं मिली। वह एक ऑटो रिजर्व कर अपने बच्चे को लेकर सदर अस्पताल जहानाबाद पहुंच गया। यहां पहुंचने पर उसका इलाज किया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे पटना रेफर कर दिया। यहां भी उसने एंबुलेंस की मांग की तो एंबुलेंस नहीं मिली। किसी तरह सदर अस्पताल के बाहर लगी एंबुलेंस मिली। लेकिन, एंबुलेंस का चालक उसका पूर्जा लेकर इधर-उधर टहलते रहा।

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