पिता साबित करने हाईकोर्ट ने दिया 85 साल के इस बुजुर्ग के डीएनए टेस्‍ट का आदेश…..लोगों को आयी एनडी तिवारी की याद….नहीं करवाया टेस्ट तो माना जायेगा….

अहमदाबाद 27 अक्टूबर 2019। गुजरात हाई कोर्ट ने 85 साल के बुजुर्ग को डीएनए टेस्‍ट करवाने का आदेश दिया है. असल में 38 साल के एक शख्‍स ने दावा किया है कि वह इस बुजुर्ग का बेटा है. इसका फैसला करने के लिए डीएनए टेस्‍ट से पैटर्निटी टेस्‍ट किया जाएगा. यह मामला यूपी के पूर्व सीएम नारायण दत्‍त तिवारी वाले मामले की याद दिला रहा है, जिसमें इसी तरह के एक विवाद का फैसला डीएनए टेस्‍ट के बाद ही हुआ था. बुजुर्ग पिछले पांच वर्षों से इस दावे से सिरे से इनकार कर रहे हैं. हालांकि उनका नाम दावा करने वाले शख्‍स के स्‍कूली प्रमाणपत्रों और राशन कार्ड वगैरह में पिता के तौर पर दर्ज है.

गुजरात के मेवादा समुदाय ने इस युवा को अपना सदस्‍य मानने से इनकार कर दिया था। इसी वजह से पहली बार पांच साल पहले इस शख्‍स ने बुजुर्ग पर पितृत्व परीक्षण कराने के लिए दबाव डाला था। इस पर बुजुर्ग ने इस युवा और उसकी मां से अपने सभी संबंध तोड़ लिए। इसके बाद युवा ने हाई कोर्ट में अपील की। हाई कोर्ट ने केस की सुनवाई के दौरान गुरुवार को कहा कि वह अदालत के पास एक लाख रुपये जमा करे। यदि टेस्‍ट के बाद पता चलता है कि बुजुर्ग ही उसका पिता है तो वह अपने एक लाख रुपये ले जा सकता है और अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह पैसा बुजुर्ग को मिल जाएगा।

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