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जिन हाथों को सजाना था सेहरा, उन्हीं हाथों को सजानी पड़ी चिता…..शिमला पहुंच लेफ्टिनेंट अमोघ का था आखिरी कॉल…पापा मैं पहुंच गया हूं… 48 घंटे बाद आ गयी मौत की मनहूस खबर… तिरंगे में लिपटे कोरबा के लाल को देख रो पड़े लोग

कोरबा 28 जुलाई 2021। ….जिन हाथों ने 72 घंटे पहले लाड़ले को विदा किया था, उन्हीं हाथों ने जब बेटे की अर्थी सजाई, तो पूरा कोरबा रो पड़ा।.. शिमला से लौटने के बाद बापट परिवार का ख्वाब बेटे के सर पर सेहरा सजाने का था…लेकिन क्या मालूम था ये सपना कभी पूरा ना होने वाला सच बन जायेगा। हिमाचल में जिस हादसे में 9 टूरिस्ट की मौत हुई थी, उनमें कोरबा का रहने वाला अमोघ भी था। नेवी में लेफ्टिनेंट अमोघ बापट वतन की हिफाजत में समुद्री सीमा अंडमान में तैनात था। पिछले सप्ताह ही छुट्टी लेकर लौटा कोरबा का लाल अपने तनाव को दूर करने शिमला टूर पर चला गया।

जाने के पहले घर पर शादी की बात चली तो हमेशा मुस्कुराता रहने वाला लेफ्टिनेंट आमोघ ने  पहली दफा इसके लिए हामी भरी..। मम्मी-पापा से कहकर गया कि शिमला से लौटता हूं तो फिर शादी पर डिटेल में बात करूंगा। घर में बड़े बेटे की शादी की तैयारियां शुरू हो गयी….लेकिन शादी पर बात आगे बढ़ती, उससे पहले ही रविवार की शाम फोन पर आयी मनहूस खबर ने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया।

शुक्रवार को शिमला पहुंचे आमोघ ने पहुंचते ही पापा को कॉल किया था, कहा था- पापा मैं अच्छे से पहुंच गया हूं, टूर पर कुछ देर बाद निकलूंगा। यही आखिरी बात अमोघ की परिवार में हुई थी, उसके बाद कुछ मैसेज जरूर आये,..हादसे वाली रात भी अमोघ ने कुछ मैसेज किये थे, लेकिन कॉल पर बात नहीं हुई थी। रविवार को जैसे ही कोन्नूर हादसे की खबर टीवी और सोशल मीडिया पर आयी, तो बापट परिवार का दिल बैठने लगा।

पिता को मालूम था कि आज आमोघ वो उन्ही इलाकों में है, जहां ये घटना हुई है, लेकिन दिल मानने को तैयार नहीं कि उनका लाल भी उस हादसे का शिकार  हो गया होगा। बेटे के सकुशल खबर के लिए पूरा परिवार दिन भर कॉल-मैसेज कर संपर्क करने की कोशिश करता रहा…। इसी बीच शाम करीब 4 बजे अचानक से पुलिस टीम को घर के सामने देख पूरा परिवार दहशत से भर गया और फिर वहीं खबर सामने आयी, जिसकी आशंका में पूरा दिन बैचेनी में परिवार ने गुजारा था।

घटना के तीन दिन बाद लेफ्टिनेंट का शव कोरबा पहुंचा, जिसके बाद दिवंगत लेफ्टिनेंट अमोघ बापट को अंतिम विदाई दी गयी। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में स्थानीय लोगों के साथ ही नेवी, पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौजूद थे। खुशमिजाज और हर एक के दिल पर अपना छाप छोड़ने वाले युवा लेफ्टिनेंट अमोघ बापट की संजीदगी से हर कोई प्रभातिव था। बताते है लेफ्टिनेंट अमोघ बापट को ट्रैकिंग का काफी शौक था, वो जब भी छुटटी पर आते हिल स्टेशन पर ट्रैकिंग करने जरूर जाते। इस बार भी लेफ्टिनेंट अमोघ बापट को अंडमान में पोस्टिंग के दौरान कमांडर इन चीफ पर प्रमोट कर उनकी पोस्टिंग विशाखापटनम किया गया था।

25 जुलाई को हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में हुए भूस्खलन में चटटान का बड़ा हिस्सा यात्री बस पर गिर गया था। इस हादसे में यात्री बस में सवार लेफ्टिनेंट अमोघ बापट सहित 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी थी। घटना के बाद मंगलवार की रात दिवंगत लेफ्टिनेंट अमोघ बापट का पार्थिव देह कोरबा लाया गया। आज सुबह दिवंगत लेफ्टिनेंट अमोघ बापट को नम आंखो के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गयी। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर रानू साहू सहित कोरबा एस.पी.भोजराम पटेल, नेवी के अफसर मौजूद रहे।

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