VIDEO : पुलिस की गाड़ी पर सर पटकती रही बच्ची, पटाखा बेच रहे पिता को पुलिस उठा ले गयी…. वीडियो वायरल हुआ तो सीएम ने लगायी पुलिस को फटकार… आधी रात दौड़ते भागते पुलिस अफसर पहुंचे बच्ची के घर .. देखिये फिर क्या हुआ

बुलंदशहर 14 नवंबर 2020। उप्र के बुलंदशहर के खुर्जा थानाक्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद पटाखे बेच रहे एक व्यवसायी की दुकान पर पुलिस ने छापा मारा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस पटाखा कारोबारी से हाथापाई कर उसे हिरासत में लेती नजर आ रही है। वहीं, कारोबारी की मासूम बेटी लगातार पुलिस के आगे गिड़गिड़ाती व गाड़ी पर सिर पटकती दिखाई दे रही है। वह पहले तो पिता के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की पुलिस से गुहार लगाती है, फिर देर तक सिर पटक-पटककर रोती रही, लेकिन पुलिस को उस पर तरस नहीं आया।


इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. यही नहीं, इस बात की जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची. उन्होंने घटना का संज्ञान लेते हुये इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिये. एबीपी गंगा ने भी इस खबर को प्रमुखता से लोगों तक पहुंचाया.

ये था पूरा मामला

आपको बता दें कि पटाखा बैन होने के बाद भी खुर्जा कोतवाली नगर के मुड़ाखेड़ा रोड पर दुकान पर पटाखा बेचने की सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ दुकानदारों की तीखी नोकझोंक हो गई और दुकानदार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और अपनी गाड़ी में बैठा लिया. इस दुकानदार को छुड़ाने के लिए उसकी मासूम बेटी पुलिस की गाड़ी पर सर पटकती रही, लेकिन पुलिस ने उसकी एक ना सुनी और ना ही पुलिस जीप में ड्राइवर सीट पर बैठे सिपाही ने सर पटकने से बच्ची को रोकने की जहमत तक नहीं उठाई, बल्कि एक पुलिसकर्मी बच्ची को पुलिस जीप से अलग करने के लिए खींचता दिखाई दे दिया. बच्ची रोती पीटती रही, अपने पिता को छुड़ाने के लिए पुलिसकर्मियों से गुहार लगाती रही लेकिन बुलंदशहर पुलिस का दिल तक नहीं पसीजा, जबकि पिता ने कोई इतना बड़ा गुनाह नहीं किया कि बच्ची की पुकार ना सुनी जा सके.

घर पहुंचे अधिकारी और बच्ची को मिठाई खिलाई

एबीपी गंगाा ने प्रमुखता से इस खबर को दिखाया तो जिले के एसएसपी संतोष कुमार सिंह हरकत में आये और हेड कॉन्स्टेबल ब्रजवीर को लाइन हाजिर कर दिया. वहीं, जब पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को अपनी गलती का एहसास हुआ तो खुर्जा एसडीएम व सीओ सिटी मासूम बच्ची के घर दीपावली का त्योहार मनाने पहुंचे और बच्ची के घर में दीया जलाया और कुछ समय बच्ची के साथ बिताया ताकि मासूम के दिल दिमाग से पुलिस के प्रति गलत संदेश न जाए. वहीं, सीओ सिटी ने बताया बच्ची के पिता जो आतिशबाजी बेच रहा था, उसको कुछ देर बाद ही थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया था. पूरे मामले में पुलिस से संवेदनशील व मानवीय व्यवहार अपेक्षित था जो उस समय नहीं दिखाई दिया था. बच्ची के दिल दिमाग पर पुलिस प्रशासन के प्रति गलत संदेश नहीं जाए इसलिए हम लोग बच्चे के घर आए हैं और त्योहार सेलिब्रेट किया.

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