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साल का पहला सूर्य ग्रहण कल, ग्रहण के समय किन कार्यों को करने से बढ़ती हैं परेशानियां, इन 5 राशियों पर होगा सबसे बुरा असर… जानें कब और कहां देखा जा सकेगा सूर्य ग्रहण

रायपुर 9 जून 2021. साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून को लग रहा है। ग्रहण का समय दोपहर एक बजकर 42 मिनट से शुरू होकर शाम छह बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। यह ग्रहण देश के सिर्फ अरुणाचल प्रदेश एवं जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। बाकी किसी भी राज्य में इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा। ऐसे में इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। ज्योतिषियों की माने तो ग्रहण कैसा भी हो, उसका प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं ज्योतिष के लिहाज से ग्रहण का कैसा पड़ेगा राशियों पर प्रभाव, लोगों को क्या सावधानियां बरतनी होंगी।

कब और कहां लगेगा सूर्य ग्रहण? सूर्य ग्रहण 10 जून को दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा जिसकी समाप्ति शाम 6 बजकर 41 मिनट पर होगी। उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग में, उत्तरी कनाडा, यूरोप और एशिया में, ग्रीनलैंड और रुस के अधिकांश हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा। कनाडा, ग्रीनलैंड तथा रूस में वलयाकार सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। वहीं उत्तर अमेरिका के अधिकांश हिस्सों, यूरोप और उत्तर एशिया में आंशिक सूर्य ग्रहण दृश्य होगा।

भारत में इन जगहों पर दिखेगा आंशिक सूर्य ग्रहण- अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक इंटरैक्टिव मैप जारी किया है जिसमें यह बताया गया है कि सूर्य ग्रहण कहां- कहां दिखाई देगा। मैप में यह बताया गया है कि सूर्य ग्रहण भारत के अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में दिखेगा। सूर्य ग्रहण आंशिक रूप में दिखेगा जिसकी शुरुआत 12:25 में होगी और 12:51 में यह ख़त्म हो जाएगा।

148 साल बाद अद्भुत संयोग: तिथि काल गणना के अनुसार 148 साल बदा यह मौका आया है कि शनि जयंती के दिन सूर्यग्रहण लगेगा। 10 जून को सूर्य ग्रहण का अद्भुत योग भी बनेगा। हालांकि चंद्रग्रहण की ही तरह भारत में यह सूर्य़ ग्रहण दिखायी नहीं देगा। बताते चलें कि सूर्य देव और शनि पिता-पुत्र हैं। पौराणिक मान्यता है कि दोनों में मतभेद और अलगाव रहे हैं।

क्या रहेगा सूतक काल? भारत में इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। क्योंकि ज्योतिष अनुसार उसी ग्रहण का सूतक काल मान्य होता है जो ग्रहण अपने यहां दृष्टिगोचर हो। भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा।

ग्रहण में बरतें ये सावधानी
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, ग्रहण शब्द ही नकारात्मक है। ज्योतिष के लिहाज से ग्रहण कहीं भी लगे, दिखाई दे या न दे, लेकिन उसका प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य को करने से बचें। भोजन न बनाएं। धारदार वस्तुओं का प्रयोग न करें। भगवान की प्रतिमाओं को हाथ न लगाएं। ग्रहण काल में सोना वर्जित माना जाता है। बालों में कंघी न करें। ग्रहण के समय दातुन न करें।

सूर्य ग्रहण के दौरान वर्जित कार्य:
-इस दौरान किसी भी नए व मांगलिक कार्य का शुभारंभ नहीं किया जाता है।
-ग्रहण काल के समय भोजन पकाना और खाना दोनों ही मना होता है।
-ग्रहण काल में भगवान की मूर्ति छूना और पूजा करना भी मना होता है।
-तुलसी के पौधे को छूने की मनाही होती है।
-इस दौरान दाँतों की सफ़ाई, बालों में कंघी, शौच करना, नए वस्त्र पहनना, वाहन चलाना आदि कार्यों को भी न करने की सलाह दी जाती है।
-ग्रहण के समय सोने से भी बचना चाहिए।

वृषभ राशि

सूर्य ग्रहण के दौरान वृषभ राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. खर्चों में बढ़ोतरी होगी. रिलेशनशिप के मामले में भी यह समय वृषभ राशि वालों के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा है.

मिथुन राशि 

ग्रहण के दौरान मिथुन राशि वालों को कई तरह के उतारचढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. शेयर बाजार में निवेश का सोच रहे हैं तो फिलहाल के लिए ये फैसला टाल देना उचित होगा.

सिंह राशि

यह सूर्य ग्रहण सिंह राशि के लिए काफी परेशानी लेकर आ सकता है. इस वक्त आपको काफी संभालकर पैसे खर्च करने चाहिए.

तुला राशि

ज्योतिषविदों की मानें तो तुला राशि के लोगों के लिए सूर्य ग्रहण अशुभ साबित हो सकता है. इस समय गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान देने की जरूरत है. कार्यक्षेत्र की बात की जाए तो नौकरी और बिजनस दोनों में ही आपका मन काम करने में नहीं लगेगा. आप खुद को तनाव ग्रस्त महसूस कर सकते हैं.

मकर राशि

कल का सूर्य ग्रहण मकर राशि के लोगों पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है. इस वक्त अधिक मेहनत करने की जरूरत पड़ेगी. इस समय अगर आप जॉब बदलने के बारे में सोच रहे हैं तो इस विचार को त्याग दें.

 

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