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महिला शिक्षिका पर भी नहीं तरस आया अधिकारियों को…. नियमों को तोड़ मरोड़ कर ऐसा किया परेशान कि 4 माह से नहीं मिला है वेतन….. अब डीपीआई से सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने की पूरे मामले की लिखित शिकायत

रायपुर 1 मार्च 2021। यूं तो 4 महीने से किसी को वेतन न मिला हो यह सुनकर ही किसी का दिल पसीज जाए कि आखिर गुजर-बसर कैसे हो उस व्यक्ति का जिसे वेतन न मिल रहा हो लेकिन बात जब शिक्षा विभाग की हो तो सारी मानवता शर्मसार हो जाती है , यही वजह है कि एक महिला कर्मचारी को बीते 4 महीनों से ऑफिस-ऑफिस ऐसे घुमाया जा रहा है मानो उसने कोई बहुत बड़ा अपराध कर दिया हो, जिला बलौदा-बाजार भाटापारा के कसडोल ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बया में पदस्थ व्याख्याता रीना ठाकुर का संविलियन नवंबर 2020 में हुआ है लेकिन आज 4 माह गुजर जाने के बाद भी उन्हें वेतन भुगतान नहीं हो पाया है।

इसके पीछे की वजह उनकी कोई गलती नहीं बल्कि आहरण संवितरण अधिकारी , बीईओ कार्यालय और ट्रेजरी की कारगुजारी है। सबसे पहले संविलियन होने के बाद आहरण संवितरण अधिकारी ने प्रक्रिया पूर्ण करने में देरी लगाई, ले देकर दबाव बनाने के बाद जब उन्होंने प्रक्रिया पूर्ण की तो ट्रेजरी ने नियमितीकरण आदेश न होने की बात कहकर वेतन भुगतान से मना कर दिया साथ ही बनाए गए वेतन पत्रक में और संविलियन आदेश में सरनेम अलग होने की बात लिखित में दी गई है । जबकि महिला कर्मचारी का सरनेम शादी के बाद पहले ही सुधर चुका है और स्वयं बीईओ कार्यालय द्वारा जारी किए गए कई विभागीय पत्र में इस बात की पुष्टि होती है कि रीना उर्वशा का नाम रीना ठाकुर हो चुका है और सेवा पुस्तिका में भी यही इंद्राज है।

कार्यालय द्वारा संविलियन के समय उनका नाम रीना उर्वशा भेजा गया जिसके चलते राज्य कार्यालय से आदेश में रीना उर्वशा लिखा हुआ है जिसे ट्रेजरी कार्यालय की तरफ से वेतन भुगतान न करने का कारण बनाया गया है साथ ही नियमितीकरण आदेश न होने और संविलियन आदेश में वेतन वृद्धि और वेतन निर्धारण के संबंध में कंडिका 2 का उल्लेख किया गया है जबकि ऐसे ही कई प्रकरणों में डीपीआई के पहल के बाद प्रदेश के समस्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को वेतन भुगतान हो चुका है और मीडिया की सुर्खियां भी ऐसी खबरें बनी है लेकिन ट्रेजरी ने इस संबंध में न तो मार्गदर्शन लेना उचित समझा और न ही समस्या का निराकरण करना । अब थक हार कर महिला शिक्षिका ने पूरे मामले की लिखित शिकायत सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक दुबे के जरिए लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक जितेंद्र शुक्ला से की है ।

डीपीआई को पूरे मामले से कराया है अवगत – विवेक दुबे

अप्रशिक्षित शिक्षक को भी उनके संविलियन पद का न्यूनतम वेतनमान दिया जाना है और पूर्व में भी ऐसे कई प्रकरणों का निराकरण हो चुका है बावजूद इसके जानबूझकर महिला शिक्षिका को परेशान किया जा रहा है साथ ही उनके नाम में हुई लिपिकीय त्रुटि के लिए भी स्थानीय कार्यालय जिम्मेदार हैं और इस सब की सजा महिला शिक्षिका को भुगतनी पड़ रही है इस पूरे मामले की शिकायत मैंने लिखित रूप में डीपीआई जितेंद्र शुक्ला सर से की है और हमें पूरी उम्मीद है कि अन्य प्रकरणों की तरह इस प्रकरण का भी त्वरित निदान होगा । हम ऐसे मामलों में दोषी-अधिकारी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई चाहते हैं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो ।

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