8 घंटे से फ़्रीज़र में रखा है चार माह के मासूम का शव.. जब तक कोविड रिपोर्ट नहीं तब तक मिट्टी नही .. बीते 48 घंटों में क्वारनटाईन सेंटर में चार मौतें दर्ज

रायपुर,28 मई 2020। राजधानी से क़रीब सत्तर किलोमीटर दूर बालोद ज़िला अस्पताल के कोविड कक्ष में माँ बाप को अपने चार माह के मासूम बच्चे के शव मिलने का इंतज़ार है। पीएम कक्ष याने मर्च्युरी रुम में चार माह के मासूम के शव को फ़्रीज़ में रखे आठ घंटे का वक्त गुजर चुका है। जब तक उसकी कोविड से जुड़ी लैब रिपोर्ट नहीं आएगी तब तक उसका शव यूँ ही फ्रीजर में पड़ा रहेगा और कोविड कक्ष में मौजुद माँ बाप शव का इंतज़ार करते रहेंगे।

मसला टाटेंगा क्वारनटाईन सेंटर का है जहां बीते 14 मई को महाराष्ट्र के चंद्रपुर से पहुंचे श्रमिक दंपत्ति मौजूद हैं। इनकी लैब रिपोर्ट नहीं आई है और कल याने 27 मई को इस दंपत्ति के चार महिने के बच्चे को तेज बुख़ार आया और बालोद अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी तड़के मौत हो गई। चिकित्सकों ने मौत की वजह के रुप में निमोनिया की आशंका जताई है।मौत के बाद मासूम के शव को प्लास्टिक से पूरी तरह ढँक कर फ्रीजर के हवाले कर दिया गया है, और माँ बाप के साथ उनके बड़े लड़के जिसकी उम्र तीन बरस की है उसे अस्पताल के कोविड कक्ष में रखा गया है।

चिकित्सकों को लक्षणों से आशंका है कि, मासूम कोविड 19 से संक्रमित हो सकता है, इसलिए नियमों का हवाला देते हुए रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।मृतक शिशु के माता पिता और तीन वर्षीय भाई की रिपोर्ट भी प्रतीक्षित है।

राजधानी से क़रीब दो सौ किलोमीटर दूर गरियाबंद के घरनीटोला क्वारनटाईन सेंटर में आठ माह की गर्भवती महिला की तड़के मौत हो गई है।25 वर्षीया यह महिला तेलंगाना के खम्मम से बीते 14 मई को आई थी, आठ माह के गर्भ के साथ क़रीब एक हज़ार किलोमीटर की यात्रा से बुरी तरह बीमार महिला को मेकाहारा दाखिल कराया गया था। 21 मई को यह महिला वापस आई और क्वारनटाईन सेंटर में रह रही थी, आज सुबह इसके मौत की सूचना थाने में दर्ज की गई है।पंक्तियों के लिखे जाने तक महिला का शव संस्कार नहीं हुआ है।

वहीं राज्य के गौरेला मरवाही पेंड्रा ज़िले के टीकराकला क्वारनटाईन सेंटर में बीते 26 मई की देर शाम तीन वर्षीया बच्ची की मौत की खबर है। खबर के लिखते लिखते मरवाही से ही एक खबर और आई है जिसके अनुसार बीस वर्षीय प्रवासी श्रमिक जो कि तेलंगाना से चार दिन पूर्व आया था और क्वारनटाईन सेंटर में था, उसकी दोपहर एक बजे सिम्स लाते वक्त मौत हो गई। श्रमिक की तबियत अचानक ख़राब हुई थी। मृतक श्रमिक के कोरोना टेस्ट रिपोर्ट का इंतज़ार है।
अब तक क्वारनटाईन सेंटरो में मौतों का आँकड़ा सत्रह पहुँच चुका है।

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