डांट पड़ी तो कलेक्टर ने मांगी 3 महीने की छुट्टी : कोरोना को लेकर लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को लगायी फटकार…. तो, कलेक्टर ने चीफ सिकरेट्री को पत्र लिखकर मांगी 3 महीने की छुट्टी….बैठक में क्या हुआ था, पढ़िये पूरा मामला

नयी दिल्ली 30 मार्च 2020। मुख्यमंत्री की फटकार के बाद एक कलेक्टर ने पद छोड़ने की पेशकश की है। मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा यानि गौतम बुद्धनगर का है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों की बैठक के दौरान नोएडा में बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या पर नाराजगी जतायी और कलेक्टर बीएन सिंह को कड़ी फटकार लगा दी, कलेक्टर के अलावे CMO को मुख्यमंत्री ने डांट लगायी। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद अब कलेक्टर बीएन सिंह ने कलेक्टर पद छोड़ने की इच्छा जतायी है।

उन्होंने यूपी के चीफ सिकरेट्री को पत्र लिखकर तीन महीने की छुट्टी मांगी है। पत्र में उन्होंने 18-18 घंटे काम का हवाला देते हुए उपार्जित अवकाश से तीन महीने की छुट्टी देने की गुजारिश की है और गौतमबुद्धनगर में किसी और को कलेक्टर नियुक्ति करने को कहा है।

दरअसल यूपी में 33 कोरोना पाजेटिव मरीज पाये गये हैं, जिनमें से सीजफायर कंपनी के सबसे ज्यादा लोग हैं। आज मुख्यमंत्री ने नोएडा पहुंचकर स्थिति की जब समीक्षा की की तो हालात बेहद लचर मिले। सीजफायर कंपनी की लापरवाही का जैसे ही मामला उनके सामने आया मुख्यमंत्री भड़क उठे। समीक्षा बैठक में सीएम योगी के सामने सीज फायर कंपनी के ऑडिटर के कारण संक्रमित हुए मरीजों का मामला भी उठा।

मुख्यमंत्री की नाराजगी इसी बात को लेकर थी कि सीज फायर कंपनी का लंदन से आया ऑडिटर जब लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण बांट रहा था तो जिले का स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कहां था। अधिकारियों के इस तर्क पर कि उस कंपनी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई है। मुख्यमंत्री ने सीधे शब्दों में पूछा कि कंपनी अब तक सीज क्यों नहीं हुई। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं था। वहीं कंट्रोल रूम भी सही से काम नहीं करता पाया गया। सीएमओ ने पक्ष रखने की कोशिश की तो सीएम योगी ने उन्हें चुप रहने की हिदायत दी। कहा- दो महीने से क्या हो रहा था?

 

 

 

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